उत्तर प्रदेश फ़तेहपुर जिले के कलेक्ट्रेट में आज अहिल्या आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष धर्मेन्द्र पाल ने अपने साथियों के।साथ पहुंचकर प्रधानमंत्री के नाम एक ज्ञापन जिलाधिकारी को देने के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए बताया कि काशी बनारस के गंगा तट पर स्थित अहिल्याबाई होलकर की ऐतिहासिक प्रतिमा को क्षति पहुँचाया जाना काशी की पावन धरती पर जो आधात हुआ है। उसने देश के करोड़ों नागरिकों के हृदय को गहरे दुख और आक्रोश से भर दिया है। वाराणसी के गंगा तट पर विकास के नाम पर लोकमाता अहिल्याबाई होलकर जी द्वारा संरक्षित मंदिरों एवं उनकी प्रतिमा को क्षतिग्रस्त खंडित किया जाना केवल पत्थरों का टूटना नहीं है।

बल्कि यह उस विचारधारा पर चोट है जिसने भारंत को न्याय, धर्म, करुणा और लोककल्याण का मार्ग दिखाया। जिन्होंने बिना भेदभाव शासन किया, जिनकी न्यायप्रियता आज भी प्रशासनिक आदर्श मानी जाती है। आज उनकी प्रतिमा का अपमान समूचे राष्ट्र के आत्म सम्मान का अपमान प्रतीत होता है। यह विषय किसी एक समाज या संगठन का नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक चेतना से जुड़ा प्रश्न है। यदि ऐसी घटनाएँ अनदेखी की जाती हैं, तो जनमानस में रोष का विस्तार होना स्वाभाविक है। जिसे समय रहते संवेदनशील निर्णयों द्वारा शांत किया जाना अत्यंत आवश्यक है। आपसे मांग की जाती है कि गंगा तट पर खंडित की गई समस्त ऐतिहासिक मूर्तियों एवं संरचनाओं को तत्काल प्रभाव से सुरक्षित किया जाए।

लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर की सम्मान जनक एवं ऐतिहासिक गरिमा के अनुरूप प्रतिमा का पुनः निर्माण एवं स्थापना कराई जाए। भविष्य में लोकमाता अहिल्याबाई होलकर जी की विरासत से जुड़े किसी भी ऐतिहासिक धरोहर को क्षति न पहुँचे, इसके लिए स्पष्ट व कठौर दिशा-निर्देश जारी किए जाएँ। इस मौके पर राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ कृष्ण पाल, फूल सिंह, राज कुमार पाल, धर्मेन्द्र पाल, अमरेंद्र पाल, लवकुश पाल, वीरेंद्र सिंह, मुकेश, पंकज पाल, राम खेलावन, राम मूरत गुरु जी, आदि लोग मौजूद रहे।
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