उत्तर प्रदेश फतेहपुर जिले में इफको ने पायलट प्रोजेक्ट के रूप में फसलों पर ड्रोन से नैनो यूरिया और कीट नाशकों का छिड़काव शुरू कराया है। अधिकारियों का दावा है कि इससे किसानों को अतिरिक्त श्रम, समय और पैसे की बचत होगी। किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार खेती को आधुनिक तकनीक से कराने पर जोर दे रही है। विकसित भारत संकल्प यात्रा के दौरान इफको ने जिले को आठ ड्रोन दिए हैं। इसके माध्यम से किसानों की फसलों में नैनो यूरिया और डीएपी का मुफ्त में छिड़काव कराया जाएगा। इसकी शुरुआत शुक्रवार को अलग-अलग स्थानों पर हुई। इफको के क्षेत्राधिकारी अतर सिंह ने हसवा ब्लाक के लक्ष्मनपुर मे प्रगतशील किसान मनोज कुमार सहित अन्य किसानों के खेत में आलू की फसल में नैनो यूरिया, डीएपी का छिड़काव किया गया। *सभी ग्राम पंचायतों में होगा छिड़काव* इफको क्षेत्राधिकारी अतर सिंह ने बताया कि अभी ड्रोन विकसित भारत संकल्प यात्रा के साथ चल रहे हैं। यात्रा 23 नवंबर से शुरू हो गई है जो 23 जनवरी 2024 तक चलेगी। इन दो महीने में सभी ग्राम पंचायतों में प्रत्येक दिन दो से तीन किसानों के खेत में ड्रोन के माध्यम से नि.शुल्क छिड़काव कराया जाएगा। अब तक 125 किसानों के खेत में छिड़काव कराया जा चुका है। दावा किया कि ड्रोन से उर्वरक एवं दवाओं के छिड़काव में जहां लागत कम आएगी, वहीं समय के साथ पानी की बचत होगी। इफको द्वारा दिए गए ड्रोन की टंकी दस लीटर की है। यह ड्रोन 10 से 15 मिनट में एक एकड़ में छिड़काव कर देगा। जबकि मशीनों से एक एकड़ के छिड़काव में आठ से 10 feuV लगते हैं। वहीं एक एकड़ में एक बोतल नैनो डीएपी व यूरिया का प्रयोग होता है। यूरिया 225 रुपये और डीएपी 600 रुपये की है। इन उत्पादों में केमिकल नहीं होता है। इसे पर्यावरण प्रदूषण नहीं होता है। मृदा भी स्वस्थ रहती है तथा कृषि कार्य के लिए पानी की 90% तक की बचत की जा सकती है।
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