उत्तर प्रदेश प्रतापगढ़ जिले के मानिकपुर थाना क्षेत्र के चौकापरपुर गाँव मे अगहन मास के तीसरे गुरुवार यानी 24 नवंबर को सदियों पुराने ऐतिहासिक बिटियन का मेला श्रद्धा व भक्ति भावना के साथ आयोजित हुआ। जहां जनपद के अलावा गैर जनपदों में कौशांबी, फतेहपुर, उन्नाव, रायबरेली, लखनऊ, सुल्तानपुर, अमेठी, प्रयागराज, सहित अन्य जनपदों के लोगो भी मेला देखने पहुंचे।

बड़ी संख्या में महिलाओं ने मेले में पहुंचकर अपने सतीत्व की रक्षा के लिए धरती मां की गोद में समाई बेटी व उसके माता-पिता की समाधि पर तिलचौरी चढ़ाकर तथा समाधि स्थल पर कच्चे सूत की गांठ बांधकर अपने व अपने परिजनों के लिए मनवांछित फल प्राप्त करने की मंगलमय कामना की। मेले में सबसे अधिक बिक्री गन्ने की हुई। जिसे लोग प्रसाद के रूप में अपने अपने घरों को ले गए है। जहां सैकड़ों ट्रैक्टरों में भरकर दूर-दूर से आए गन्ने की खूब बिक्री हुई।

लकड़ी के सामानों की भी लोगों ने खरीदारी की। चोटहिया (गुड़ ) जलेबी लाजवाब रही, जहां दुकानों पर खरीददारों की लाइन लगी रही। मेले का सबसे बड़ा आकर्षण तीतर की लड़ाई रहीं, जहां दर्जनों तीतर पालक स्वामी अपने-अपने तीतर मेले लेकर आए थे।

जहां शानदार लड़ाई देखने को मिली। वैसे तो मेले में बहुत से सामानों की बिक्री होती रही। क्योंकि मेले में बहुतायत संख्या महिलाओं की थी। इसलिए महिलाओं ने अपने पसंदीदा सामानों की खूब खरीदारी की। मेले में प्रशासन की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था देखने को मिली।

जहां थाना मानिकपुर प्रभारी निरीक्षक मनीष कुमार पांडे पुलिस पीएसी व होमगार्ड के जवानों के साथ मुस्तैद रहे। वही चौकापारपुर प्रधान अमरनाथ सोनकर अपने सहयोगियों व स्वयंसेवकों के साथ मेला संचालन व्यवस्था में मुस्तैदी के साथ बीते कई दिनों से डटे हुए थे। जिसके कारण मेला सकुशल संपन्न हो सका। अगले बृहस्पतिवार को मुस्लिम महिलाएं मजार पर कढ़ी चावल चढ़ाएंगी।

मुख्य मेले को कुशलता पूर्वक संपन्न कराने में लगे मेले के मुख्य आयोजक चौकापारपुर ग्राम प्रधान अमरनाथ सोनकर ने जिला प्रशासन पुलिस प्रशासन व सहयोगियों के प्रति धन्यवाद व आभार व्यक्त किया है। शहबाज खान की खास रिपोर्ट

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