उत्तर प्रदेश फतेहपुर जिले में सोमवार को कस्बे में दिन बड़ी संख्या में दुकानदारों ने मेले में दुकानें लगाई गई। जहाँ कड़ी धूप में महिलाओं घरेलू उत्पाद के सामान की खरीददारी किया। वही बच्चों ने अनेकों प्रकार के खिलौनों की खरीदारी किया। और बच्चों और महिलाओं ने चाऊमिन, मोमोज़, जलेबी, गुझिया, खस्ता, चाट और समोसे खा कर आनन्द लिये। वही पुरूषों ने गरम- गरम पकोड़े और चाय का आनंद लिया। और बीती रात बस स्टैंड चौराहे के नजदीक मस्जिद परिसर में हर वर्षों की तरह इस बार भी रात 9 बजे कोडा शाह बाबा की मज़ार में गागर और चादर चढाया गया है।

सुबह से लेकर देर रात तक पुरुष महिलाओं द्वारा मजार पर चादर चढा कर दुवाएं और मन्नत भी मांगते रहे। 11 बजे देर रात सुप्रसिद्ध कलाकारों द्वारा कव्वाली का आयोजन शुरू किया गया। कव्वाली कमेटी के पदाधिकारियों में असलम राइन, वसीम राइन, रसीद राइन, नईम राइन, राजू राइन एवं ग्राम प्रधान राशीद राइन ने बदायूं जनपद से आए रेडियो एंड टीवी सिंगर आसिफ सुल्तानी और बुम्बई के जागेश्वरी रेडियो सिंगर रोशन आरा को फूलों की माला पहनाकर स्वागत किया गया। बदायूं जनपद से आए कव्वाल सूफी सिंगर आसिफ सुल्तानी ने कलाम पेश किया। या मेरे मौला या मेरे अल्लाह तेरे करम से चांद और सूरज का दीदार होता है। हे अल्लाह तेरी अंधेरी रात में चांद के रोशनी से सारे जहाँ में प्रकाश दौड़ता है।

हसवा कोडा शाह बाबा के मजार में सभी अकीकतमंद दुवाओ से फ़ैज़याब होते है।, बाबा की मज़ार में पहूंचे अकीदतमदों का मानना है हर वली से ऊंचा है रूतबा गौसे आजम का। बुम्बई नगरी से आई रोशन आरा ने कलाम पेश किया कि परदेशी का प्यार एक झोका है, जब मौका मिलेगा तो परदेशी उड़ कर निकल जायेगा। मेरे तश्वीर को कमरे में सजाने वाले, मेरे महबूब की तश्वीर अपने दिल में लागने वाले मेरे महबूब ही होगें। जिंदा रहने के लिए तेरी कसम, इक मुलाकात जरूरी है सनम। ऐ हसवा वालों मेरे दिल को अपने दिल में बसा लेना, मैं बुम्बई नगरी की रोशन आरा आऊंगी हर वर्ष कोडा शाह बाबा की मज़ार पर गागर और चादर के लिए। इस अवसर पर ग्राम प्रधान राशिद राइन, रसीद राइन, असलम राइन, वसीम राइन, नईम राइन, नफीस राइन, बब्लू शाह, सहित सैकड़ों लोगों की भीड़ मौजूद रहीं।
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