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उत्तर प्रदेश फतेहपुर जिले की सदर कोतवाली में दूसरों की सुरक्षा के लिए दिन-रात मुस्तैद रहने वाली खाकी के परिवारों की सुरक्षा ही दांव पर लगी है। इसका जीता-जागता उदाहरण सदर कोतवाली परिसर में देखा जा सकता है, जहां एक पुराना बोरवेल पूरी तरह धंस चुका है।जानकारी के मुताबिक भारी बारिश के चलते बोरवेल के आसपास की जमीन लगातार धंस रही है। इससे बोरवेल के और अधिक धंसने का खतरा बना हुआ है। गनीमत यह है कि अभी तक कोई हादसा नहीं हुआ, लेकिन बोरवेल के ठीक बगल में पुलिसकर्मियों के सरकारी आवास बने हैं, जो कभी भी इसकी चपेट में आ सकते हैं। कोतवाली परिसर के सरकारी आवास में रहने वाले एक पुलिसकर्मी ने बताया कि इस समस्या की सूचना कई बार सदर नगर पालिका अध्यक्ष को दी जा चुकी है, लेकिन अब तक इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया।नगर पालिका की लापरवाही का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जब नगर पालिका के जेई विजय कुमार को फोन कर समस्या से अवगत कराया गया तो उन्होंने लापरवाही भरे अंदाज में कहा – “जब टाइम होगा तब देखेंगे।” वहीं नगर पालिका इंस्पेक्टर ने इसे अपना काम मानने से ही इनकार कर दिया, जबकि कर्मचारी नफीस ने भी यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि यह उनका काम नहीं है।
अब सवाल यह है कि जब शहर की सुरक्षा में दिन-रात जुटे पुलिसकर्मियों के परिवार ही सुरक्षित नहीं हैं, तो उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन लेगा? अगर समय रहते नगर पालिका ने इस धंसे हुए बोरवेल को बंद कर जमीन को दुरुस्त नहीं कराया तो बारिश के बीच बड़ा हादसा होने से इनकार नहीं किया जा सकता।
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