उत्तर प्रदेश प्रतापगढ़ जिले में वर्ष 2023 को अंतरराष्ट्रीय पोषक अनाज श्री अन्न वर्ष के तौर पर मनाया जा रहा है और मोटे अनाज के प्रति लोगों में जागरूकता फैलाई जा रही है। इसी क्रम में भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के उपक्रम भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के अंतर्गत कृषि विज्ञान केंद्र प्रतापगढ़ के द्वारा मोटे अनाजों द्वारा निर्मित व्यंजनों के प्रति लोगों का ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। यह कार्यक्रम जिले के तीन विकासखण्ड के चयनित 3 ग्रामों में किया जा रहा है। आज विकासखण्ड कालाकांकर के ऐंठू ग्राम के प्राथमिक विद्यालय में मोटे अनाजों से निर्मित व्यंजन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत कृषि विज्ञान केंद्र की वैज्ञानिक स्वाति दुबे ने सभी ग्रामीण महिलाओं का स्वागत करके किया। कार्यक्रम में मोटे अनाज की विशेषता, इसके लाभ तथा खेती के बारे में विस्तार से बताया गया। स्कूल के प्रधानाध्यापक सुरेश कुमार यादव ने कहा कि मोटा अनाज जैसे मक्का, मकरा, जौ, रागी, बाजरा, सांवा आदि मानव जीवन में अनाज के रूप में रामबाण के समान हैं। महिलाओं ने कार्यक्रम के दौरान अपने यहां के क्षेत्रीय मोटे अनाजों से निर्मित उत्पाद बनाकर गांव के प्राथमिक विद्यालय पर उसका प्रदर्शन किया। बतौर निर्णायक प्रधानाध्यापक सुरेश कुमार यादव, ग्राम प्रधान केशा देवी एवं आंगनवाड़ी कार्यकत्री सपना देवी ने व्यंजनों का परीक्षण ऑर्गेनोलेप्टिक टेस्ट के द्वारा किया, परीक्षण के उपरान्त सबसे अच्छे पांच व्यंजनों (बाजरा चाट, पोषक लडडू, बाजरा लडडू, मकरैली, बाजरा विस्किट) को पुरस्कार के लिए चयनित किया गया।

कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ0 ए0 के0 श्रीवास्तव ने विजेता महिलाओं को सम्मानित किया। महिलाओं ने व्यंजनों के साथ-साथ मोटे अनाजों के बीज एवं पौधों की भी प्रदर्शनी लगाई और इसके महत्व के प्रति लोगों को जागरूक किया तथा लोगों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा भी लिया और कार्यक्रम को सफल बनाया। इस प्रदर्शनी कार्यक्रम में लगभग 30- 40 महिलाओं के साथ-साथ बच्चो ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस प्रदर्शनी को सफल बनाने में डा0 अवधेश कुमार सिंह, महेनद्र सिंह, यतेन्द्र कुमार, सुधीर कुमार, जी0आर0पटेल, जुगुल किशोर सहित सीमा देवी, दाया, अनारकली, सुनीता, अनीता, महेश आदि ने अपना योगदान दिया। : – शाहबाज खान की खास रिपोर्ट

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