उत्तर प्रदेश फतेहपुर जिले में अवशेष निराश्रित गोवंशो को शत प्रतिशत संरक्षित किये जाने तथा उनके भरण पोषण के सम्बन्ध में किये जा रहे प्रभावी क्रियान्वन एवं अनुश्रवण के सम्बन्ध में शासन स्तर से जनपद में नामित नोडल अधिकारी राजेश कुमार प्रजापति विशेष सचिव, कृषि उत्पादन आयुक्त शाखा द्वारा वृहद गौ–संरक्षण केन्द्र तारापुर, गौ आश्रय स्थल सलेमाबाद एवं गौ आश्रय स्थल रारा, वृहद गौ–संरक्षण केन्द्र बैजानी का निरीक्षण किया। वृहद गौ–संरक्षण केंद्र तारापुर, गौशाला वृहद गौ–संरक्षण केंद्र तारापुर में विशेष सचिव के निरीक्षण के दौरान गोवंशों की कुल संख्या 404 पायी गयी जिसमें 150 नर एवं 254 मादा गोवंश संरक्षित थे। गौवंशो के भरण पोशण हेतु 507 कुंतल भूसा एवं हरा चारा, दाना आदि की उचित मात्रा पायी गयी। पानी पीने का स्थान तथा चरही उपलब्ध है। ठंड से बचाव हतु तिरपाल तथा बोरों की पर्याप्त व्यवस्था थी।

निरीक्षण के दौरान गौशाला में 40 ग्राम सभाओं को जोड़कर 2.65 लाख रू० खाते में जमा है। ग्राम प्रधान एवं ग्राम विकास अधिकारी को हरा चारा काटने हेतु विद्युत संचालित चारा मशीन लगवाने हेतु निर्देशित किया। निरीक्षण के समय 08 गौपालक दिन हेतु एवं 02 रात्रिकालीन हेतु उपस्थित मिले जिनके द्वारा अवगत कराया गया कि उनको 6000 रु० प्रति माह की दर से माह दिसम्बर 2023 तक का भुगतान प्राप्त हो चुका है। गौवंश को ठण्ड से बचाव हेतु अच्छी गुणवत्ता का तिरपाल लगवाया जाये जिससे गौवंशो को ठण्ड से सुरक्षित रखा जा सके एवं अलाव की संख्या में बढ़ोत्तरी की जाये। निरीक्षण के समय पशु चिकित्साधिकारी द्वारा अवगत कराया गया कि कुल 07 गोवंश अस्वस्थ है जिनका उपचार कर दिया गया है। पशु चिकित्साधिकारी को निर्देशित किया गया कि गौशाला में विगत 02 माह में कितने गौवंश का उपचार किया गया, चिकित्सा पंजिका की छायप्रति उपलब्ध करायें। गौ आश्रय स्थल, सलेमाबादः सलेमाबाद गौशाला में गोवंशों की संख्या 280 पायी गयी जिसमें 50 नर एवं 230 मादा गोवंश संरक्षित है।

गोवंशों हेतु भूसा 250 कु0 एवं चारा, दाना पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध मिला। ठंड से बचाव हेतु तिरपाल तथा बोरों की पर्याप्त व्यवस्था थी। साफ-सफाई की व्यवस्था और बेहतर करने हेतु निर्देशित किया गया साथ ही गौशाला में एकत्रित गोबर को स्थानीय कृषकों को पराली के बदले खाद योजना के तहत देने हेतु प्रेरित किया जाये एवं गौशाला से सम्बद्ध चारागाह की भूमि पर उपयोग में लाया जाये। गौशाला में 06 गौपालक मौजूद मिले। गौशाला में विद्युत संचालित गोकाष्ट मशीन लगी हुयी पायी गयी जिसको स्वयं सहायता समूह द्वारा संचालित किया जा रहा है। गौशाला की चरही ऊची करने हेतु एवं वाउण्डरीवाल को पूर्ण किया जाने हेतु निर्देशित किया। गौ आश्रय स्थल, रारा- रारा गौशाला में निरीक्षण के समय 570 गौवंश संरक्षित है जिसमें 224 नर एवं 346 मादा गौवंश संरक्षित है। नर गौवंशो को मादा गौवंशो से अलग रखा गया था, उक्त व्यवस्था को स्थायी करने हेतु निर्देशित किया गया। गौशाला में 500 कु० भूसा, एस०एस०सी० फण्ड पूलिंग हेतु 41 ग्राम पंचायते सम्बद्ध है। चिकित्सा कक्ष में 03 बीमार गोवंशो की चिकित्सा पशु चिकित्साधिकारी द्वारा की जा रही थी।

निरीक्षण के समय महिला प्रधान उपस्थित थी जिन्होने अवगत कराया कि 550 काऊकोट जेल अधीक्षक द्वारा उपलब्ध कराये गये है। ग्राम विकास अधिकारी को नेपियर घास बोये जाने हेतु निर्देशित किया गया जिससे गौवंशो को सम्पूर्ण वर्ष हरे चारे की पूर्ति होती रहे साथ ही गौशाला के चारो तरफ स्थायी बाउण्डरीवाल बनवाने हेतु निर्देशित किया गया। रारा गौशाला को स्थायी (वृहद गो संरक्षण केन्द्र) करने का प्रस्ताव शासन को प्रेषित करने हेतु मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को निर्देशित किया। गौवंशों की संख्या 139 पायी गयी। गोवंशों हेतु भूसा, चारा, दाना लगभग सप्ताह भर के लिए उपलब्ध मिला। पानी पीने की चरही उपलब्ध है। साफ-सफाई की व्यवस्था संतोषजनक पायी गयी। गौशाला में पानी की व्यवस्था है। ठंड से बचाव हेतु तिरपाल तथा बोरों की पर्याप्त व्यवस्था थी। इस मौके पर डा० नवल किशोर, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी एवं जिला पंचायतराज अधिकारी एवं गौशालाओं से सम्बन्धित अधिकारी, कर्मचारी उपस्थित रहें।
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