उत्तर प्रदेश फतेहपुर जिले में हाईकोर्ट लखनऊ खंडपीठ में कार्यरत अधिवक्ता पर 14 जनवरी 2026 को हुए कथित जानलेवा हमले को लेकर अधिवक्ता समाज में गहरा आक्रोश व्याप्त है। इस घटना के विरोध में फतेहपुर जनपद के अधिवक्ताओं ने एकजुट होकर न्यायिक कार्य से विरत रहने का निर्णय लिया और राज्यपाल उत्तर प्रदेश को संबोधित ज्ञापन प्रेषित किया। ज्ञापन में आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी, अधिवक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने, अधिवक्ता संरक्षण कानून को प्रभावी ढंग से लागू करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की गई है। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। अधिवक्ताओं ने स्पष्ट किया कि न्यायपालिका की गरिमा और अधिवक्ता समाज की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। इस विरोध के चलते जनपद फतेहपुर में न्यायिक कार्य प्रभावित रहा, और न्यायिक प्रक्रियाओं में देरी हुई। यह घटना अधिवक्ता समाज के लिए चेतावनी स्वरूप है और प्रशासन एवं कानून व्यवस्था पर भी महत्वपूर्ण सवाल खड़ा करती है। ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने वाले प्रमुख अधिवक्ताओं में शाश्वत गर्ग, संदीप त्रिपाठी, रितिक पाल, गुलाब यादव, अर्जुन सिंह, नितिन तिवारी, अनुराग प्रताप सिंह, सुमन श्रीवास्तव, मुनीर श्रीवास्तव, अमन शुक्ला, हिमांशु पांडेय, कपिल चौधरी, अनुराग सिंह, सुमन सिंह, सुरेश शुक्ला, हरिवंश मिश्रा, अभिषेक, फैजान अहमद, आदित्य शर्मा, वेद तिवारी, धीरज मौर्य, हरिशंकर यादव, राजेश्वर यादव, शिवकृष्ण, रणजीत सिंह, अजय चौहान, प्रकाश द्विवेदी, अंशु विश्वकर्मा, पवन श्रीवास्तव, विजय प्रकाश, विशाल सिंह, जितेंद्र चौरसिया, सुनील यादव, आराध्य सिंह, सुशील पासवान, रंजीत मिश्रा, अनुरुद्ध श्रीवास्तव, सम्पूर्णानंद पाण्डेय, डीपीओ उमाशंकर सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता शामिल रहे।
नोट:- पूरे महीने का विज्ञापन बुक कराए कम कीमत में सम्पर्क करें। 9044684414

By

Share
Share