उत्तर प्रदेश फ़तेहपुर जिले के ऐरायाँ ब्लॉक स्थित आदर्श प्राथमिक विद्यालय मलूकपुर का पुस्तकालय ‘मुस्कानालय’ अब प्रदेश स्तर पर पहचान बना चुका है। विद्यालय में समुदाय के सहयोग से स्थापित इस पुस्तकालय की तस्वीरों को राज्य स्तरीय पुस्तकालय प्रशिक्षण मॉड्यूल “ग्रंथागार” के कवर पेज पर स्थान मिला है। साथ ही पुस्तकालय की स्थापना, उसके उद्देश्य और शैक्षिक प्रभाव को लेकर विद्यालय के आदर्श शिक्षक आनंद कुमार मिश्र द्वारा लिखे गए प्रेरणास्पद लेख को भी मॉड्यूल के आवरण पृष्ठ में शामिल किया गया है। परिषदीय एवं माध्यमिक स्तर के विद्यालयों के शिक्षकों के लिए इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस्ड स्टडीज इन एजुकेशन (आईएएसई), प्रयागराज द्वारा तैयार किए गए इस प्रशिक्षण मॉड्यूल में किसी ग्रामीण प्राथमिक विद्यालय की लाइब्रेरी को उदाहरण के रूप में शामिल किया जाना एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। मॉड्यूल के कवर पेज पर ‘मुस्कानालय’ की तस्वीरें प्रकाशित होने से विद्यालय के शिक्षक, छात्र और स्थानीय समुदाय में खासा उत्साह है। बीते शैक्षिक सत्र में तत्कालीन प्रभारी प्रधानाध्यापक एवं आदर्श शिक्षक आनंद कुमार मिश्र ने स्थानीय समुदाय के सहयोग से इस पुस्तकालय की स्थापना की थी। यह पुस्तकालय उनके एवं सीमा बाजपेयी द्वारा संचालित मिशन मुस्कान अभियान के अंतर्गत विकसित किया गया। आनंद कुमार मिश्र ने अपने लेख में बताया है कि किस तरह सीमित संसाधनों के बावजूद बच्चों को पुस्तकों से जोड़ने का सतत प्रयास किया गया। पुस्तकालय को केवल किताबों का संग्रह न बनाकर बच्चों की कल्पनाशीलता, जिज्ञासा और अभिव्यक्ति को बढ़ाने का केंद्र बनाया गया। नियमित पठन गतिविधियां, कहानी पाठ, संवाद, लेखन अभ्यास और रचनात्मक कार्यक्रमों के माध्यम से बच्चों के वाचन और लेखन कौशल को विकसित किया गया। वर्तमान में प्रयागराज स्थित आईएएसई में परिषदीय एवं माध्यमिक स्तर के शिक्षकों को इसी ग्रंथागार मॉड्यूल के माध्यम से प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिसमें ‘मुस्कानालय’ को एक आदर्श पुस्तकालय मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। इसका उद्देश्य यह है कि शिक्षक अपने-अपने विद्यालयों में भी इसी तरह नवाचार के साथ पुस्तकालयों को शैक्षिक गतिविधियों का केंद्र बना सकें।
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