उत्तर प्रदेश फतेहपुर जिले में साइबर अपराध एवं अपराधियों पर प्रभावी नियन्त्रण हेतु पुलिस अधीक्षक के निर्देशन व अपर पुलिस अधीक्षक व क्षेत्राधिकारी अपराध के निकट पर्यवेक्षण में एनसीआरपी पोर्टल एवं पीड़ितों द्वारा दिये गये शिकायती प्रार्थना पत्र की जाँच में जन0 साइबर सेल, जनपद टीम द्वारा सार्थक प्रयास करते हुये शिकायतकर्ताओं की धनराशि उनके खाते में पुनः वापस कराया गया। शिकायतकर्ताओं द्वारा जनपदीय उच्चाधिकारियों व जन0 साइबर सेल टीम का आभार व्यक्त किया। आवेदक राहुल सोनी थाना हथगांव आंगनवाड़ी कर्मी बनकर लिंक भेजकर 35,025/- का फ्राड किया गया था। आवेदक द्वारा अपने साथ साइबर फ्राड की जानकारी होने पर तत्काल एनसीआरपी पोर्टल पर शिकायत दर्ज करायी गयी थी। एनसीआरपी पोर्टल पर दर्ज शिकायत पर जन0 साइबर सेल टीम द्वारा त्वरित कार्यवाई करते हुये न्यायालय के आदेश से सम्बन्धित लाभार्थी खाताधारक की तस्दीक व सम्बन्धित बैंक से पत्राचार कर समन्वय स्थपित करते हुये सम्पूर्ण धनराशि 35,025 /- रूपये को आवेदक के बैंक खातें में सकुशल वापस करा दी गई। आवेदक राजेश कुमार केशरवानी थाना हथगांव को गांव का मित्र बनकर सामान मंगवाने के नाम पर 39600/- रुपये का फ्राड किया गया था। आवेदक द्वारा अपने साथ साइबर फ्राड की जानकारी होने पर तत्काल एनसीआरपी पोर्टल पर शिकायत दर्ज करायी गयी थी। एनसीआरपी पोर्टल पर दर्ज शिकायत पर जन0 साइबर सेल व साइबर हेल्पडेस्क थाना हथगांव टीम द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुये न्यायालय के आदेश से सम्बन्धित लाभार्थी खाताधारक की तस्दीक व सम्बन्धित बैंक से पत्राचार कर समन्वय स्थपित करते हुये धनराशि 39600/- रूपये को आवेदक के बैंक खातें में सकुशल वापस करा दी गई। आवेदक छत्रपाल सिंह थाना हुसैनगंज को रिश्तेदार का फोन हैक कर रुपये मांग कर 40000/- रुपये का फ्राड किया गया था। आवेदक द्वारा अपने साथ साइबर फ्राड की जानकारी होने पर तत्काल एनसीआरपी पोर्टल पर शिकायत दर्ज करायी गयी थी। एनसीआरपी पोर्टल पर दर्ज शिकायत पर जन0 साइबर सेल व साइबर हेल्पडेस्क थाना टीम द्वारा त्वरित कार्यवाई करते हुये न्यायालय के आदेश के क्रम में सम्बन्धित लाभार्थी खाताधारक की तस्दीक व सम्बन्धित बैंक से पत्राचार कर समन्वय स्थपित करते हुये धनराशि 36,600/- रूपये को आवेदक के बैंक खातें में सकुशल वापस करा दी गई। जनसामान्य के लिए फतेहपुर पुलिस की अपील:-1. किसी भी अंजान Wi-Fi नेटवर्क से कनेक्ट करने से पहले उसकी सुरक्षा जांच लें, फ़्री Wi-Fi में डेटा चोरी का खतरा रहता है।, 2. अपने सभी अकाउंट्स पर 2-Factor Authentication (2FA) अनिवार्य रूप से एक्टिवेट करें।, 3. किसी भी ऐप को इंस्टॉल करने से पहले उसके डेवलपर और परमिशन को ध्यान से पढ़ें।, 4. पासवर्ड हमेशा मजबूत बनाएं और अलग-अलग अकाउंट्स के लिए अलग रखें।, 5. लैपटॉप/मोबाइल में एंटीवायरस और फ़ायरवॉल हमेशा ऑन रखें।, 6. QR कोड स्कैन करते समय सतर्क रहें, नकली QR से आपके पैसे ट्रांसफर हो सकते हैं।, 7. स्क्रीन शेयरिंग या रिमोट एक्सेस ऐप्स (जैसे AnyDesk, TeamViewer) केवल भरोसेमंद लोगों के साथ ही इस्तेमाल करें।, 8. मोबाइल नंबर या OTP किसी को भी शेयर न करें, चाहे सामने वाला खुद को कस्टमर केयर ही क्यों न बताए।, 9. ऑनलाइन शॉपिंग करते समय केवल विश्वसनीय और आधिकारिक वेबसाइट/ऐप का ही इस्तेमाल करें।, 10. इस प्रकार की कोई भी घटना होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या वेबसाइट(https://cybercrime.gov.in) पर कॉल करके ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराएं। साइबर अपराध से सतर्क रहिए, सुरक्षित रहिए। “ऑनलाइन सतर्कता ही साइबर अपराध से बचाव की सबसे बड़ी ढाल है।”
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