उत्तर प्रदेश फतेहपुर जिले के असोथर ब्लाक संसाधन केंद्र (BRC) में शिक्षकों से आडिट के नाम पर जमकर रिश्वतखोरी की गई। जिले में बीते दो दिनों 18 से 20 अगस्त तक आडिट किया गया। असोथर बीआरसी में एमडीएम बच्चों के माध्यान्न भोजन के आडिट के नाम पर भारी खेल किया जा रहा है, जहां पर प्रति विद्यालय के हिसाब से प्रधानाध्यापकों से 500 रुपयों के वसूली की गई है। जिसका वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो की पुष्टि जीशान न्यूज़ नहीं करता। असोथर ब्लाक मे लगभग 157 विद्यालय हैं। ऑडिट टीम के अधिकारियों के लिए रिश्वतखोरी करते हुए मास्साब बता रहे हैं कि ऑडीटरों से हम अपने दस से बारह विद्यालयों का फ्री में आडिट करायेंगे। मतलब साफ है कि 145 विद्यिलयों के प्रधानाध्यापक से वसूली की गई है। जिसमें एक मस्साब रजिस्टर को खोलकर उल्टा रखते जा रहे हैं।और एक रजिस्टर में रिश्वतखोरी के रुपयों की इन्ट्री करते जा रहे है। वहीं कमरे में बैठे लोग रूपयों की गिनती करते हुए कह रहे है कि इसमें हमारे डिप्टी से लेकर बीएसए साहब तक शामिल हैं। एक एक पैसे का हिस्साब देना होता है। अब आप थोडा इस तरह समझ लीजिए कि यदि बीआरसी के 145 विद्यालयों से 500 रुपये रिश्वतखोरी में लिए गये तो एक ब्लाक में 72 हजार 500 रुपयों की रिश्वतखोरी की गई। जब कि पैसे देने वाले और आपस में असोथर बीआरसी (ब्लाक संसाधन केंन्द्र) ब्लाक कैम्पस में आपसी बातचीत और रिश्वतखोरी की जिस तरह से गुप्तगू से उजागर हुआ। उससे एक बड़े भ्रष्टाचार का पर्दाफाश हो रहा है। यह भ्रष्टाचार दूध और पानी की तरह स्पष्ट हो रहा है। यहाँ तक कि एक मस्साब ने उपहास उडाते हुए कहा कि आने वाले समय में साल में पच्चीस बार आडिट हो सकते हैं। वहीं विश्वासपात्र सूत्रो से पता चला है कि हस्वा में भी इस तरह का खेल जमकर खेला गया है। जहाँ पर आडीटरों के नाम पर कोई अन्य व्यक्ति आडिट के नाम पर वसूली की है। बेसिक शिक्षा अधिकारी प्रिंसी मौर्या से जब पूछा गया कि ऑडिट के समय ऑडिटर नहीं रहे और उनकी गैर मौजूदगी में शिक्षकों के द्वारा पांच-पांच सौ रुपये रिश्वत लेकर ऑडिट कराया जा रहा था तो बीएसए साहब शिकायत मिलने पर जांच कराने की बात कहते हुए सवालों से बचने की कोशिश करती रही और पत्रकार को जाने की बात कह कर सवालों के जवाब देने से इंकार कर दिया।
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