उत्तर प्रदेश फतेहपुर जिले के कलेक्ट्रेट महात्मा गांधी सभागार सभागार में जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स की अध्यक्षता में राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम(सर्वजन दवा सेवन -MDA) की द्वितीय समन्वय बैठक सम्पन्न हुई। उन्होंने कहा कि जनपद में 19 नवंबर से 07 दिसंबर 2026 तक चलने वाले आगामी फाइलेरिया रोधी अभियान को सफल बनाया जाय, के लिए संबंधित विभागों के अधिकारी/कर्मचारी टीम भवना के साथ आपस में समन्वय बनाकर अपने–अपने दायित्वों का संवेदनशीलता के साथ निर्वहन करते हुए एवं प्रभावी ढंग से निगरानी करते हुए दृढ़संकल्पित होकर अभियान को सफल बनाए। उन्होंने खंड विकास अधिकारियों को निर्देशित किया कि अपने–अपने विकास खण्डों में प्रधानों, कोटेदारो, सचिवों आदि के साथ समन्वय बैठक कर अभियान की गतिविधियों से अवगत कराए हुए मानक के अनुरूप फायलेरिया उन्मूलन की दवा खिलाये, साथ ही विभिन्न माध्यमों से जागरूकता एवं इसका व्यापक प्रचार प्रसार किया जाय ताकि ज्यादा से ज्यादा नागरिक दवा का सेवन कर सके। उन्होंने मुख्य विकास अधिकारी को निर्देशित किया कि जिन विकास खण्डों में आशा, आंगनबाड़ी का प्रशिक्षण शेष रह गया है, को जल्द से जल्द पूरा करा लिया जाय, साथ स्कूलों में नामित नोडल अध्यापकों को भी इसकी जानकारी दे और बनाए गए माइक्रोप्लान के अनुसार दवा का सेवन मानक के अनुरूप ही कराए। उन्होंने कहा कि इस अभियान को प्रतिदिन निगरानी व रिपोर्ट से अवगत कराए। उन्होंने कहा कि जो लोग आगामी त्यौहारों की छुट्टियों में घर आए हैं और सामान्यतः बाहर रहते हैं एवं जिन्होने पूर्व में दवा खाने से मना किया है को इस अभियान के दौरान प्राथमिकता के आधार पर फाइलेरिया रोधी दवा खिलाई जाए। स्वास्थ्य विभाग द्वारा ब्लॉक स्तर पर ऐसे छूटे हुए लोगों की सूची तैयार की गई है कि सूची संबंधित खंड विकास अधिकारियों एवं कोटेदारों को भी उपलब्ध कराए। जिससे कि फायलेरिया रोधी दवा खिलाने में सुगमता मिल सके। 5 नवम्बर से 15 नवम्बर 2026 के बीच लक्षित समूहों को दवा सेवन हर हाल में कराना सुनिश्चित करें। त्रि-औषधि सेवन फाइलेरिया से बचाव के लिए भारत सरकार के दिशा निर्देशानुसार वर्ष में एक बार खिलाई जाने वाली तीन प्रकार की दवाओं का सेवन प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मियों की निगरानी में (अपने सामने) कराया जाएगा। बेसिक शिक्षा विभाग को स्कूलों में बच्चों तक पहुंच बनाने, आईसीडीएस को आंगनवाड़ी स्तर पर जन-जागरूकता फैलाने तथा पूर्ति विभाग को राशन वितरण केंद्रों के माध्यम से संदेश प्रसारित करने के निर्देश दिए गए।जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि फाइलेरिया एक गंभीर व असाध्य रोग है, जिससे केवल नियमित दवा सेवन द्वारा ही बचा जा सकता है। उन्होंने कहा कि गर्भवती महिलाओं, एक सप्ताह पूर्व हुए प्रसव की धात्री महिलाओं, जीरो से एक वर्ष के बच्चे व अति गंभीर रोगियों को दवा नहीं खिलाई जाय। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी पवन कुमार मीना, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला पूर्ति अधिकारी खंड विकास अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी, जिला फायलेरिया अधिकारी, प्रभारी चिकित्साधिकारी, सीडीपीओ सहित संबंधित उपस्थित रहे।
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