उत्तर प्रदेश फतेहपुर जिले में आज कलेक्ट्रेट में भारत की पहली मुस्लिम महिला शिक्षिका फ़ातिमा शेख़ की जयंती मनाई गई। मोहम्मद आसिफ एडवोकेट ने कहा कि फातिमा शेख उस्मान शेख की बहन थी। जिनके घर में ज्योतिबा और सावित्रीबाई फुले ने निवास किया था। जब फुले के पिता ने दलितों और महिलाओं के उत्थान के लिए किए जा रहे उनके कामों की वजह से उनके परिवार को घर से निकाल दिया था। वह आधुनिक भारत में सबसे पहली मुस्लिम महिला शिक्षकों में से एक थी। और उन्होंने स्कूल में दलित बच्चों को शिक्षित करना शुरू किया। ज्योतिबा और सावित्रीबाई फुले, फातिमा शेख के साथ, दलित समुदायों में शिक्षा फैलाने का कार्य किया। फ़ातिमा शेख़ और सावित्रीबाई फुले ने महिलाओं और उत्पीड़ित जातियों के लोगों को शिक्षा देना शुरू किया। उस्मान शेख ने फुले दम्पत्ती को अपने घर की पेशकश की और परिसर में एक स्कूल चलाने पर सहमति व्यक्त की। 1848 में, उस्मान शेख और उसकी बहन फातिमा शेख के घर में एक स्कूल खोला गया था। फ़ातिमा और सावित्रीबाई फुले ने मिलकर समाज ने शिक्षा के प्रचार प्रसार के लिए काम किया। यह फातिमा शेख थी जिन्होंने हर संभव तरीके से सावित्रीबाई का दृढ़ता से समर्थन किया।
फातिमा शेख ने सावित्रीबाई फुले के साथ उसी स्कूल में पढ़ना शुरू किया। इस मौके पर शफीक उल गफ्फार खां एडवोकेट, अभिलाष त्रिवेदी एडवोकेट, आशीष गौड़ एडवोकेट, बाबूलाल करुणाकर एडवोकेट, चन्द्र पाल मौर्य एडवोकेट, अजलाल फारुकी एडवोकेट, माया देवी एडवोकेट, बुध प्रकाश एडवोकेट, शब्बीर खान, लड्डन चाचा, एहसान अहमद एडवोकेट, गाज़ी अब्दुर रहमान गनी, मोबीन, असलम भाई, रामबाबू मौर्य, नरेश पासी, पंकज पासवान एडवोकेट सहित सैकड़ों की संख्या में अधिवक्ताओं एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने केट काटकर व चाय वितरण कर फातिमा की जयंती मनाई।
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