उत्तर प्रदेश फतेहपुर जिले में बहुत ऐसे अवैध नर्सिंग होम स्वास्थ विभाग की वजह से संचालित है जिनके पास डॉक्टरी की कोई डिग्री नही है फिर भी मौत की दुकान सजाए बैठे है। आए दिन कोई न कोई इनके चंगुल में फसकर अपनी जान गवाँ देता है, और ज़िम्मेदार शिर्फ़ खाना पूरी कर मामले को रफादफा कर देते है। ताज़ा मामला थांरियांव थानां क्षेत्र के नेशनल हाइवे 2 पर स्थित अम्बापुर गाँव का है। जहाँ बिना डिग्री और बिना रजिस्ट्रेसन के धर्मेंद्र नामक ब्यक्ति ने नर्सिंग खोल रखा है। और गाँव देहात से मरीज़ों को लाने के लिए अपने एजेंट लगा रखे है। जिनके चंगुल में थानां क्षेत्र के आलेमऊ गाँव निवासी दुर्गा प्रसाद फस गया। पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे पीड़ित दुर्गा प्रसाद ने बताया उसकी 35 वर्षीय पत्नी सुमन देवी की तबियत ठीक नही थी। उसके घर कुलदीप पहुंचा और कहा अपनी पत्नी को हमारे साले धर्मेंद्र को दिखा दो उसने अम्बापुर में नर्सिंग खोल रखा है। समझा बुझा कर उसकी पत्नी को अपने साले धर्मेंद्र के नर्सिंग होम में भर्ती करा दिया। जहां उसको खून की कमी बताई गई और बाहर से खून मंगवाकर उसको खून चढ़ाया जाने लगा। तभी उसकी तभी बिगड़ गई तो हमको बिना बताए शहर से एम्बुलेन्स मंगवा कर उसको रेफर कर दिया। शहर आए तो यहाँ से उसको कानपुर के लिए रेफर किया गया जहाँ रास्ते मे उसकी मौत हो गई। जिसका ज़िम्मेदार धर्मेंद्र नामक डॉक्टर है उससे मना किया था कि तुम्हारा नया अस्पताल है तुम इलाज न करो उसने ठीक करने की गारंटी लिया था। उसके गलत इलाज से हमारी पत्नी की मौत हुई है। वही सूचना पर पहुंची पुलिस ने मृतिका के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। अब सवाल उठता है आखिर कब तक स्वास्थ विभाग की वजह से अवैध नर्सिंग होम फलते फूलते रहेंगे ?? कबतक गलत इलाज की वजह से मरीज़ अपनी जान गवांते रहेंगे ?? कब इनके खिलाफ शख्त कार्यवाई होगी या यूँ ही सब चलता रहेगा??
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