उत्तर प्रदेश फतेहपुर जिले के मलवां विकासखंड के अभयपुर ग्राम सभा के गंगा कटरी क्षेत्र में बढें हुए पानी से नदी व गंगा के जल स्तर के कारण महुआ घाट व खागल बाबा डोमनपुर में राहत शिविर लगाए गए थे। जहां पर खागल बाबा राहत शिविर में बेरी नारी व रामघाट से 30 परिवारों ने राहत शिविर में शरण लिया गया था। वहीं महुआ घाट में लगभग 90 परिवार राहत शिविर में शरण लिए हुए थे। गंगा व पाडु नदी का जल स्तर घटने से गांव व सड़कों में घुसा पानी वापस हो गया है। गलाथा ग्राम प्रधान रघुवंश यादव ने बताया कि खागल बाबा राहत शिविर में बेस 30 परिवार अपने-अपने घर को वापस चले गए हैं। वहीं महुआ घाट से लगभग 50 परिवार भी अपने-अपने घरों को वापस चले गए हैं। बाकी के लोग जाने की तैयारी में है। वही अभयपुर ग्राम प्रधान रामदास निषाद ने बताया कि जल स्तर के कम होने के कारण अधिकतर परिवार अपने-अपने घर वापस जा रहे हैं।

वही खेतों से पानी सिमटने पर जल भराव के कारण नष्ट हुई फसले दिखाई पड़ने लगी हैं। बाढ़ राहत शिविर में आज सन्नाटा पसरा रहा बाढ़ राहत शिविर में लगाए गए टेंट ,कुर्सी, मेंज हटा दिए गए हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गोपालगंज से स्वास्थ्य विभाग की टीम शिविर में अस्वस्थ लोगों का परीक्षण करके दवा वितरित करती रही। पशुधन प्रसार अधिकारी सुष्मिता यादव अपनी टीम के साथ पशुओं का परीक्षण करके दवाएं बांटती रही। डॉ जैदान ने कहा कि गंदगी के कारण डेंगू मलेरिया चिकनगुनिया वायरल फीवर जैसी बीमारियां फैल सकती हैं, इसके लिए लोग सावधानी रखें जिससे विमारिया न फैल पाये। बाढ़ राहत कैंप में 41 बीमार लोगों को देखकर उन्हें दवा का वितरण किया गया आठ लोगों का मलेरिया टेस्ट किया गया जो निगेटिव पाये गये।

सुष्मिता यादव ने बाढ़ प्रभावित किसानों से कहा कि अपने-अपने पशुओं को साफ व स्वच्छ जगह में रखें, कीचड़ युक्त जगह में ना रखें। शिविर में रह रहे बाढ़ प्रभावित किसान आपस में चर्चा करते नजर आए कि अब बाढ़ सिमट गई है, सभी लोग अपने-अपने घर को जाइए अब भोजन नहीं मिलेगा।महुआ घाट रहत शिविर में प्रमुख रूप से पशुधन प्रसार अधिकारी सुष्मिता यादव, डॉ जैदान, सीएचओ एकता, आईटी अखिलेश कुमार सिंह, हेल्थ वर्कर आदित्य शुक्ला, एनम वंदना, प्रिया, दीपा व आशा बहू रूबी ,गीता आदि मौजूद रही।
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