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उत्तर प्रदेश फतेहपुर जिले की खागा तहसील की राजस्व अदालतों का हाल बहुत ही ख़राब है। वर्षों से लेखपाल क़ानूनगो की आख्या के अभाव में सैकड़ो वाद लंबित पड़े है। और आरोप है कि एसडीएम न्यायालय के पेशकार की कार्यशैली बहुत गंदी है। उससे क्याअधिवक्ता क्या वादकारी हर कोई इनके आचरण को लेकर खफा है। इन सब बातो को लेकर एक पखवाड़े पूर्व अधिवक्ताओ की आम सभा में गठित संघर्ष समिति के नेतृत्व में १० सूत्रीय माँगो का एक ज्ञापन एसडीएम को सौंपा गया था। लेकिन एसडीएम की शिथिल कार्यशैली के कारण नौ मांगे जस की तस पड़ी रही माँगो पर कोई संतुष्टि जनक जवाब ना मिलने और जिलाधिकारी द्वारा मोबाइल व्हॉटएप पर ज्ञापन की कॉपी मांगने के बाद संघर्ष समिति के अगुआ से सीधे बात ना करने के परिणाम स्वरूप शुक्रवार को बैठक कर संघर्ष समिति ने एसडीएम न्यायालय के कार्य बहिष्कार का फैसला लिया है।एसडीएम न्यायालय के पेशकार ज्ञानेंद्र सिंह के आचरण के बारे में अधिवक्ताओ का कहना है की इनके बिगड़ते आचरण का परिणाम इस हद तक पहुँच गया की ये साहब वादकारी को छोड़ो अधिवक्ता से भी सीधे मुंह बात तक नहीं करते ग्यारह सदस्सीय संघर्ष समिति में संयोजक अनिल सिंह, व सदस्य रामचंद्र श्रीवास्तव, चंद्र शेखर यादव, राम राखन सिंह , राजेंद्र सिंह, कृष्णा कांत, राजेश मौर्य, हनुमान सिंह, इसराइल फ़ारूक़ी, रामसखा, व सुशील नारायण शुक्ला ने बैठक के उपरांत बताया कि एसडीएम न्यायालय का कार्य बहिष्कार तब तक जारी रहेगा जब तक कि पेशकार ज्ञानेन्द्र सिंह का ट्रांसफ़र और अन्य माँगो पर संतोषजनक जवाब नहीं मिल जाता।
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