उत्तर प्रदेश फतेहपुर जिले में 8 जुलाई को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बकेवर में स्वास्थ्य केंद्र का ताला बंद होने के कारण स्वास्थ्य केंद्र के बाहर गर्भवती महिला का प्रसव होने के संबंध में इसकी जांच कराई गई| मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा प्राप्त निर्देश के क्रम में जाँच में दोषी पाए गए कार्मिकों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाई करते हुए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बकेवर के वार्ड ब्वॉय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है एवं वहां तैनात स्टाफ नर्स को जिला अस्पताल में अटैच करते हुए एनएचएम को स्टाफ नर्स के सस्पेंशन की संस्तुति की गई है। एवं वहां तैनात सीएचसी अधीक्षक की जवाबदेही तय करते हुए उनके शिथिल प्रवेक्षण के लिए उन्हें वहां से हटा दिया गया है| बकेवर में अन्य सीएचसी अधीक्षक की तैनाती कर दी गई है महिला एवं नवजात शिशु के लिए तत्काल चिकित्सा एवं आईसीडीएस विभाग से मिलने वाले चिकित्सकीय व पोषण लाभ से संतृप्त कराया गया है। एवं महिला एवं उसके परिवार को सभी सरकारी योजनाओं जिनका वो और उसका परिवार पात्र है से भी संतृप्त कराने के निर्देश दिए गए हैं। वर्तमान में जच्चा एवं बच्चा दोनों पूर्णतः स्वस्थ हैं।

आपको बता दें कि देवमई गांव निवासी संजय पासवान की 30 वर्षीय पत्नी अनुराधा देवी बकेवर कस्बे में किराए के कमरे में अपने दो बच्चों के साथ रहती है। पति गैर प्रांत में प्राइवेट नौकरी करता है। अनुराधा देवी नौ माह की गर्भवती थी।मंगलवार भोर पहर लगभग तीन बजे उसे प्रसव पीड़ा हुई। महिला अपने दोनों बच्चों को साथ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बकेवर पहुंची, लेकिन वहां ताला बंद था। ऐसे में महिला अस्पताल के बरामदे में ही करहाती रही। उसने सुबह भोर पहर पांच बजे बच्चे को जन्म दिया। सुबह आठ बजे अस्पताल का स्टाफ पहुंचा, तो आनन फानन में महिला को अस्पताल में भर्ती किया गया। यह खबर वायरल होने के बाद जांच के बाद विभागीय कार्यवाई हुई है।
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