उत्तर प्रदेश फतेहपुर जिले में आगामी 17 फरवरी को प्रस्तावित विधानसभा घेराव कार्यक्रम को लेकर शनिवार को कांग्रेस कार्यालय ज्वालागंज में जिला अध्यक्ष महेश द्विवेदी एवं शहर अध्यक्ष आरिफ गुड्डा ने संयुक्त रूप से प्रेस वार्ता कर पत्रकारों को कार्यक्रम की जानकारी दी। प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष महेश द्विवेदी ने कहा कि वर्ष 2005 में यूपीए सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) लागू कर संविधान में निहित काम के अधिकार को साकार किया गया था। इस योजना के माध्यम से ग्राम पंचायतों को गांव स्तर की परियोजनाओं पर निर्णय लेने का अधिकार देकर पंचायती राज व्यवस्था को मजबूत किया गया। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी जैसे संकट के समय मनरेगा ग्रामीण मजदूरों के लिए जीवन रेखा साबित हुई, लेकिन वर्तमान भाजपा सरकार इसे कमजोर करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने एसआईआर (SIR) को लेकर आरोप लगाते हुए कहा कि जिले की शाह आयाह विधानसभा क्षेत्र में बीएलओ पर दबाव बनाकर जबरन फॉर्म-7 भरवाए जा रहे हैं, जबकि संबंधित मतदाता गांव में ही मौजूद हैं। उन्होंने दावा किया कि ऐझी गांव में लगभग 70 फॉर्म-7 भरे गए, जबकि सभी मतदाता वर्तमान में गांव में ही रह रहे हैं। इसी तरह ललौली क्षेत्र में भी भारी संख्या में मतदाताओं के नाम काटे गए हैं, जिनके प्रमाण कांग्रेस के पास उपलब्ध हैं। वहीं शहर अध्यक्ष आरिफ गुड्डा ने कहा कि कांग्रेस गरीबों और मजदूरों के हितों की लड़ाई में पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मनरेगा बचाओ संग्राम ग्रामीण मजदूरों के अधिकारों की रक्षा का आंदोलन है, जिसे पार्टी पूरी ताकत से लड़ेगी। उन्होंने कहा कि 17 फरवरी को कांग्रेस कार्यकर्ता एकजुट होकर विधानसभा का घेराव करेंगे और सरकार को मजबूर करेंगे कि मनरेगा को पूर्ववत जारी रखा जाए। प्रेस वार्ता में मनरेगा कोऑर्डिनेटर आरिफ खान, देवी प्रकाश दुबे, कलीम उल्ला सिद्दीकी, प्रकाश पांडेय, माधुरी रावत, आदित्य श्रीवास्तव, पंडित रामनरेश महाराज, आनंद सिंह गौतम और गुफरान पौली भी उपस्थित रहे हैं।
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