उत्तर प्रदेश फतेहपुर विकास भवन सभागार में अविनाश त्रिपाठी, अपर जिलाधिकारी (वि०/रा०) की अध्यक्षता में किसान दिवस का आयोजन किया गया। बैठक का संचालन उप कृषि निदेशक सत्येन्द्र सिंह द्वारा किया गया, जिसमें पिछली बैठक में प्राप्त शिकायतों के अनुपालन की जानकारी कृषकों को दी गई और शासन की विभिन्न लाभार्थीपरक योजनाओं से अवगत कराया गया। उप कृषि निदेशक द्वारा कृषि रक्षा रसायनों, कृषि निवेश सामग्री की उपलब्धता, जायद बीजों के मिनीकिट प्राप्त करने की प्रक्रिया तथा जायद अभियान के अंतर्गत ऊर्द, मूंग आदि बीजों को अनुदान पर प्राप्त करने की जानकारी दी गई। साथ ही बागवानी एवं उन्नत कृषि तकनीकों के माध्यम से कम लागत में अधिक उत्पादन कर आय बढ़ाने पर जोर दिया गया। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने पशुओं के टीकाकरण, ईयर टैगिंग, कृत्रिम गर्भाधान एवं पशुपालन योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। भेड़ पालन, बकरी पालन सहित अन्य योजनाओं पर चर्चा करते हुए कृषकों से नियमित रूप से पशुओं को कृमिनाशक दवा देने तथा वर्षा ऋतु में गलाघोटू, खुरपका एवं मुंहपका रोग के टीकाकरण कराने की अपील की गई। साथ ही दैवीय आपदा की स्थिति में क्षतिपूर्ति के लिए दुधारू पशुओं की ईयर टैगिंग अनिवार्य रूप से कराने पर जोर दिया गया। उद्यान निरीक्षक डॉ. सुनील कुमार ने केला, मिर्च, प्याज, मसाले एवं सब्जियों की खेती, फसल बीमा तथा प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम औपचारिकीकरण योजना, मुख्यमंत्री फल उद्यान योजना, आरकेवीवाई एवं एकीकृत बागवानी मिशन की जानकारी दी। उन्होंने स्प्रिंकलर सेट के माध्यम से सिंचाई व दवा छिड़काव कर उत्पादन बढ़ाने की सलाह दी। ज्येष्ठ कृषि विपणन निरीक्षक श्री विनोद ने कृषकों को क्लस्टर आधारित खेती के माध्यम से उत्पादन बढ़ाकर कृषि उत्पादों के निर्यात की प्रक्रिया से अवगत कराया और बताया कि जनपद में औद्यानिक फसलों के क्लस्टर पहले से संचालित हैं। बैठक में भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों द्वारा विभिन्न ब्लॉकों में बनरोझ एवं बंदरों के आतंक, घरेलू विद्युत कनेक्शनों की समस्या तथा किसान क्रेडिट कार्ड ऋण से संबंधित मुद्दे उठाए गए। अपर जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को तत्काल जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना की जानकारी देते हुए बताया गया कि आकस्मिक दुर्घटना में मृत्यु होने पर 5 लाख रुपये, एक अंग से विकलांगता पर 2.50 लाख रुपये तथा दोनों अंगों से विकलांगता पर 5 लाख रुपये की सहायता प्रदान की जाती है। इसके लिए 40 प्रतिशत न्यूनतम विकलांगता आवश्यक है। अपर जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसान दिवस में प्राप्त शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण मौके पर जाकर किया जाए तथा कृषकों से नियमित संपर्क बनाए रखा जाए ताकि किसी प्रकार का असंतोष न फैले। किसान दिवस में जिला कृषि अधिकारी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, विद्युत एवं सिंचाई विभाग के अधिकारी, नाबार्ड, अग्रणी जिला प्रबंधक सहित अनेक जनपद स्तरीय अधिकारी तथा भारतीय किसान यूनियन व किसान संघ के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में कृषक उपस्थित रहे।
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