उत्तर प्रदेश फतेहपुर जिले के हसवा ब्लॉक के थरियांव में शिक्षा के क्षेत्र में एक सराहनीय और प्रेरणादायक पहल करते हुए भानुमती छोटेलाल इंटर कॉलेज, थरियांव ने समाज के सबसे जरूरतमंद वर्ग—अनाथ बच्चों—के लिए अपने द्वार पूरी तरह खोल दिए हैं। नए शिक्षा सत्र के अवसर पर विद्यालय के प्रबंधक लवकुश यादव ने एक ऐसी घोषणा की गई है।जो न केवल शिक्षा बल्कि मानवता और सामाजिक जिम्मेदारी का भी उत्कृष्ट उदाहरण बनकर सामने आई है। प्रबंधक लवकुश यादव ने स्पष्ट किया कि जिन बच्चों के माता-पिता अब इस मृत्यु हो चुकी है।उनकी शिक्षा में आर्थिक अभाव कभी बाधा नहीं बनेगा। ऐसे सभी बच्चों की पूरी पढ़ाई का खर्च विद्यालय स्वयं उठाएगा। इसमें प्रवेश शुल्क, मासिक फीस, कॉपी-किताबें, यूनिफॉर्म के साथ-साथ रहने और खाने की संपूर्ण व्यवस्था भी शामिल की जाएगी। ताकि बच्चे बिना किसी चिंता के अपनी पढ़ाई जारी रख सकें। उन्होंने बताया कि जिन बच्चों के माता-पिता में से किसी एक का निधन हो चुका है।उनके लिए भी विशेष राहत की व्यवस्था की गई है। ऐसे बच्चों की आधी फीस माफ की जाएगी। जिससे वे भी शिक्षा से वंचित न रहें। और अपने भविष्य को बेहतर बना सकें। इस विद्यालय में इंटरमीडिएट स्तर तक की शिक्षा प्रदान करता है। पहले से ही इस प्रकार की सामाजिक पहल में सक्रिय रहा है। प्रबंधक के अनुसार, पिछले शिक्षा सत्र में लगभग 150 छात्रों की आधी फीस माफ की गई थी। जबकि करीब 25 बच्चों की पूरी शिक्षा और अन्य खर्च विद्यालय द्वारा वहन किया गया। यह आंकड़े इस बात का प्रमाण हैं कि विद्यालय केवल घोषणा ही नहीं। बल्कि जमीनी स्तर पर भी इस दिशा में लगातार कार्य कर रहा है।श्री यादव ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल शिक्षा देना नहीं। बल्कि उन बच्चों को एक सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य देना है।जो परिस्थितियों के कारण पीछे रह जाते हैं। उन्होंने क्षेत्र के लोगों से भी अपील की कि यदि उनके आसपास कोई ऐसा बच्चा है।जो अनाथ है या आर्थिक रूप से कमजोर है। तो उसे विद्यालय में प्रवेश दिलाने में सहयोग करें।इस पहल से जहां एक ओर जरूरतमंद बच्चों को नई उम्मीद मिलेगी।वहीं समाज में शिक्षा के प्रति जागरूकता और सहयोग की भावना भी मजबूत होगी।भानुमती छोटेलाल इंटर कॉलेज, थरियांव की यह पहल निश्चित रूप से अन्य शिक्षण संस्थानों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगी।
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