उत्तर प्रदेश फतेहपुर जिलें के सुल्तानपुर घोष थाना क्षेत्र के चौकी चौराहा स्थित आर्यन चाय की दुकान पर बीते शुक्रवार को चाय और पैसे को लेकर हुए विवाद के बाद सोमवार को मुस्लिम समुदाय के सैकड़ों लोगों ने प्रेमनगर स्थित दीदार गेस्ट हाउस में एकत्रित होकर सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के खिलाफ विरोध जताया। इस दौरान मुस्लिम समुदाय के लोगों ने प्रेसवार्ता कर सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के रवैए पर सवाल उठाए।।वहीं इजूरा बुजुर्ग ग्राम प्रधान नदीम अहमद ने प्रेसवार्ता के दौरान कहा कि मैं खुद पूर्व में समाजवादी पार्टी का अल्पसंख्यक जिलाध्यक्ष रह चुका हूं। मुस्लिम समुदाय के सभी लोग समाजवादी पार्टी में जुड़े हुए हैं। प्रेसवार्ता के दौरान उन्होंने सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने केवल एक पक्ष की बात सुनकर मुस्लिम समुदाय के लोगों को अनसुना कर दिया। उन्होंने कहा कि कम से कम हम लोगों को भी बुलाकर हमारी बात सुनना चाहिए था। चौकी चौराहा पर आर्यन यादव के चाय की दुकान पर चाय और पैसे को लेकर जो विवाद हुआ था, उस पूरे प्रकरण में मैने सपा जिलाध्यक्ष सुरेन्द्र यादव व जिला महासचिव मंजरयार को विस्तार पूर्वक जानकारी दी थी। लेकिन फिर भी बिना सुने हमारे पक्ष को नजर अंदाज किया गया। जिसमें चाय और पैसे की लेकर विवाद हुआ था। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव ने केवल एक पक्ष की बात सुनी और मुस्लिम समुदाय के लोगों को अनसुना कर दिया। उन्होंने कहा कि पूरे उत्तर प्रदेश का 90 फीसदी मुसलमान अखिलेश यादव के बारे गलत बयानबाजी कर ही नहीं सकता। क्योंकि हम पीडीए के सिपाही है। उनका कहना है कि वास्तव में अगर हम पीडीए का हिस्सा हैं, तो हमें क्यों नहीं सुना गया? केवल एक पक्ष की बात क्यों सुनी गई? आर्यन यादव बजरंगदल और रामदल के साथ मिलकर हमारे समुदाय के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराकर जेल भेजवा दिया। जबकि हमें मौका नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि तहकीकात किए बिना अखिलेश यादव ने इस पूरे मामले में भाजपा पूर्वमंत्री को शामिल कर दिया। जबकि उन्हें बख़ूबी पता है कि इस मामले में भाजपा पूर्वमंत्री का कोई हाथ नहीं है।

अगर होता तो अबतक हमारी तरफ से भी एफआईआर दर्ज हो जाती। अहमद ने सवाल उठाया कि अगर मुस्लिम समुदाय पीडीए का हिस्सा है, जैसे अखिलेश यादव कहते हैं, तो फिर हमारा पक्ष क्यों नहीं सुना गया। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव ने मुस्लिम समुदाय के लोगों की उपेक्षा की है। अगर ऐसा नहीं है तो फिर बुलाकर दोनों पक्षों की बात सुने उसके बाद दूध का दूध और पानी का पानी ही जाएगा। या फिर अखिलेश यादव अपनी सभाओं और प्रेसवार्ता में झूठ बोल रहे की मुस्लिम समुदाय पीडीए का हिस्सा है। अखिलेश यादव के खिलाफ मुस्लिम समुदाय का प्रदर्शन, फूंका पुतला सुल्तानपुर घोष। थाना क्षेत्र के प्रेमनगर स्थित दीदार गेस्ट हाउस के बाहर सोमवार को मुस्लिम समुदाय के सैकड़ों लोगों ने सपा मुखिया व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहे मुस्लिम समुदाय के लोगों ने नाराजगी जताते हुए अखिलेश यादव का पुतला दहन किया और नारेबाजी की। विरोध कर रहे मुस्लिम समुदाय की लोगों का आरोप है कि “आर्यन चाय वाले” प्रकरण में उनके समुदाय के लोगों के खिलाफ मुकदमे दर्ज कर उन्हें जेल भेजा गया, जबकि उनका पक्ष नहीं सुना गया। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी द्वारा दिए गए “पीडीए” (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) नारे में शामिल होने के बावजूद उनकी उपेक्षा की जा रही है। विरोध कर रहे लोगों ने मांग की है कि उनकी बात सुनी जाए और उन्हें न्याय मिले। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो प्रदेश भर में इसी तरह के विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे और सामूहिक रूप से सपा का बहिष्कार किया जा सकता है।
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