उत्तर प्रदेश फतेहपुर जिले में पलाश गांगुली (सचिव पूर्णकालिक) जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने बताया कि माननीय सुधीर कुमार V जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के दिशा निर्देशन में राष्ट्रीय लोक अदालत दिनांक-09.05.2026 का आयोजन दीवानी न्यायालय परिसर, ग्राम न्यायालय बिन्दकी, वाह्य न्यायालय खागा, तहसील सदर, खागा, बिन्दकी फतेहपुर में किया जा रहा है। राष्ट्रीय लोक अदालत दिनांक-09.05.2026 का उद्धघाटन माननीय सुधीर कुमार V के कर कमलो द्वारा मीटिंग हाल, दीवानी न्यायालय परिसर फतेहपुर में राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारम्भ माॅं सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर किया गया। न्यायालय परिसर, ग्राम न्यायालय, बिन्दकी परिसर, कलेक्टेªट परिसर फतेहपुर, समस्त तहसील परिसर, समस्त नगर पालिका एवं समस्त नगर पंचायत परिसर, श्रम कार्यालय परिसर, समस्त विद्युत वितरण खण्ड परिसर, कार्यालय दूर संचार, समस्त बैंको द्वारा राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। जनपद न्यायाधीश सुधीर कुमार V के कुशल नेतृत्व में राष्ट्रीय लोक अदालत का संचालन किया गया एवं अपने आशीषवचनांे से सभी न्यायिक अधिकारियो को इस लोक अदालत मे अधिकाधिक मामलो को निस्तारित किये जाने का निर्देश दिया एवं सभी न्यायिक अधिकारियो को यह भी निर्देशित किया गया कि अधिकाधिक संख्या में वादो का निस्तारण सुलह समझौता के माध्यम से किया जा सके। इसके अतिरिक्त सचिव (पूर्णकालिक) जिला विधिक सेवा प्राधिकरण फतेहपुर, पलाश गांगुली व समस्त पी0एल0वी0 व समस्त स्टाफ के माध्यम से तथा हेल्पडेस्क लगाकर वादकारियों को सहयोग प्रदान किया गया एवं न्यायिक अधिकारियों को अपेक्षा की गयी कि पिछली लोक अदालत से अधिक वादों को निस्तारण करें। उपरोक्त राष्ट्रीय लोक अदालत में माननीय जनपद न्यायाधीश श्री सुधीर कुमार V द्वारा 01 दाण्डिक वाद का निस्तारण कराया गया। राजेश उपाध्याय प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय, फतेहपुर के द्वारा 26 वैवाहिक वादों का निस्तारण किया गया। एवं मनोज कुमार मिश्रा द्वितीय, अपर प्रधान न्यायाधीश, पारिवारिक न्यायालय, फतेहपुर द्वारा 27 वैवाहिक वादों का निस्तारण किया गया। शिव चन्द्र, पीठासीन अधिकारी, मोटर वाहन दुर्घटना न्यायाधिकरण, फतेहपुर द्वारा 69 मोटर दुर्घटना याचिकाओं का निस्तारण करते हुए रु० 47827701/- का प्रतिकर दिलाया गया। पृथ्वी पाल यादव, स्थाई लोक अदालत अध्यक्ष, द्वारा 03 वादों का निस्तारण करते हुए रू0 888882/-अर्थदण्ड के रूप में जमा कराया गया। रामकिशोर तृतीय, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट नं० 01 द्वारा 01 वाद का निस्तारण करते हुए रू0 500/- अर्थदण्ड के रूप में जमा कराया गया। मो0 इलियास, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश जाति-जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम द्वारा 03 वादों का निस्तारण करते हुए रू0 3000/-अर्थदण्ड के रूप में जमा कराया गया। हरी प्रकाश गुप्ता, विशेष न्यायाधीश ई0सी0 एक्ट, द्वारा 112 वादों का निस्तारण करते हुुुुुुए रू0 75000/-अर्थदण्ड के रूप में जमा कराया गया। अशोक कुमार XII अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एफ0टी0सी0/प्रथम) द्वारा 04 दाण्डिक वादों का निस्तारण करते हुए रू० 2000/- अर्थदण्ड के रूप में जमा कराया गया। महेन्द्र कुमार द्वितीय, स्पे0 जज पाक्सो एक्ट द्वारा 01 दाण्डिक वाद का निस्तारण करते हुए रू० 500/- अर्थदण्ड के रूप में जमा कराया गया। अजय सिंह, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एफ0टी0सी0/द्वितीय), द्वारा 01 दाण्डिक वाद का निस्तारण करते हुए रू० 500/- अर्थदण्ड के रूप में जमा कराया गया। आशुतोष द्वितीय, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, द्वारा 627 दाण्डिक वादों का निस्तारण करते हुए रू० 110380/- अर्थदण्ड के रूप में जमा कराया गया। आकांक्षा मिश्रा, सिविल जज सीनियर डिवीजन द्वारा 21 दाण्डिक वादों का निस्तारण कराया गया। मो0 साजिद द्वितीय, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट नं० 01 द्वारा 359 दाण्डिक वादों का निस्तारण करते हुए रू० 26345/- अर्थदण्ड के रूप में जमा कराया गया। दिव्या सिंह, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट नं० 02 द्वारा 158 दाण्डिक वादों का निस्तारण करते हुए रू० 2570/- अर्थदण्ड के रूप में जमा कराया गया। ललिता यादव, अपर सिविल जज (सी०डि०) कोर्ट नं0 01 द्वारा 150 दाण्डिक वादों का निस्तारण करते हुए रू० 845/- अर्थदण्ड के रूप में जमा कराया गया। अविनाश रंजन, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट नं० 3 द्वारा 305 दाण्डिक वादों का निस्तारण करते हुए रू० 53750/- अर्थदण्ड के रूप में जमा कराया गया। शुभ्रा प्रकाश, अपर सिविल जज(जू०डि०) न्यायिक मजिस्ट्रेट खागा द्वारा 665 दाण्डिक वादों का निस्तारण करते हुए रू० 8090/- अर्थदण्ड के रूप में जमा कराया गया। बिन्दूू यादव, सिविल जज (जू०डि०) द्वारा 05 दाण्डिक वादों का निस्तारण कराया गया। संगीता द्वितीय, न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा 62 दाण्डिक वादों का निस्तारण करते हुए रू० 13415/- अर्थदण्ड के रूप में जमा कराया गया। भावना शाहू, सिविल जज (जू०डि०) कोर्ट नं० 01 द्वारा 53 दाण्डिक वादों का निस्तारण कराया गया। सोनल शाहू, सिविल जज (जू०डि०) कोर्ट नं० 03 द्वारा 131 दाण्डिक वादों का निस्तारण करते हुए रू0 30920/- अर्थदण्ड के रूप में जमा कराया गया। अनिन्द उमराव, सिविल जज (जू०डि०) कोर्ट नं० 04 द्वारा 116 दाण्डिक वादों का निस्तारण करते हुए रू0 7250/- अर्थदण्ड के रूप में जमा कराया गया। राज वर्धन तिवारी, न्यायिक अधिकारी ग्राम न्यायालय बिन्दकी, द्वारा 451 दाण्डिक वादों का निस्तारण करते हुए रू0 4190/- अर्थदण्ड के रूप में जमा कराया गया। प्रियांशी यादव, सिविल जज (जू०डि०) कोर्ट नं० 06 द्वारा 204 दाण्डिक वादों का निस्तारण करते हुए रू0 6196/- अर्थदण्ड के रूप में जमा कराया गया। विम्मी सिंह, सिविल जज(जू०डि०) एफ0टी0सी0/ सी0ए0डब्लू0 द्वारा 12 दाण्डिक वादों का निस्तारण करते हुए रू0 3600/- अर्थदण्ड के रूप में जमा कराया गया। प्रियंका गौतम, सिविल जज(जू०डि०) एफ0टी0सी0 द्वारा 14 दाण्डिक वादों का निस्तारण करते हुए रू० 10000/- अर्थदण्ड के रूप में जमा कराया गया। राजस्व न्यायालयों द्वारा कुल 6680 वादों का निस्तारण कराया गया। नगर पालिका परिषद द्वारा 1126 प्रकरणों का निस्तारण किया गया एवं रू० 268140/- का शुल्क वसूला गया। जनपद के बैंकिंग संस्थानों द्वारा 665 वादो का निस्तारण करते हुये 75483000/- रु0 वसूल किया गया। विद्युत विभाग द्वारा 851 प्रकरणों का निस्तारण करते हुये 943275/- रू0 शुल्क वसूला गया। श्रम विभाग द्वारा 384 वादों का निस्तारण करते हुये 4236406/-रु0 अर्थदण्ड के रुप में जमा कराया गया। इस प्रकार उपरोक्त राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 274303 वादों का निस्तारण कर 139464185/- रू० अर्थदण्ड वसूल किया गया। अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण माननीय जनपद न्यायाधीश सुधीर कुमार V नोडल अधिकारी राष्ट्रीय लोक अदालत मोहम्मद इलियास व सचिव (पूर्णकालिक) जिला विधिक सेवा प्राधिकरण पलाश गांगुली एवं समस्त न्यायिक अधिकारियों व कर्मचारीगण, अधिवक्ताओं, जिला बार एसोसिएशन, फतेहपुर के अध्यक्ष व सचिव एवं मीडियाकर्मियों को लोक अदालत को सफल बनाने एवं सहयोग करने हेतु हार्दिक अभार व्यक्त किया गया तथा धन्यवाद ज्ञापित किया गया।
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