उत्तर प्रदेश फतेहपुर जिलें के धाता विकास खंड स्थित नसीरपुर गांव निवासी रामनारायण निषाद को सीबीआई की दिल्ली टीम ने 22 वर्ष पुराने हत्या और लूटकांड के मामले में गिरफ्तार कर लिया। आरोपी वर्ष 2005 से फरार चल रहा था ।और उसकी तलाश लंबे समय से की जा रही थी। जानकारी के अनुसार, प्रयागराज के शंकरगढ़ थाना क्षेत्र स्थित ऐतिहासिक गढ़वा किले में 22 अप्रैल 2002 को मंदिर से सोने की मूर्ति और नगदी लूट ली गई थी। वारदात के दौरान चौकीदार विनोद कुमार श्रीवास्तव की हत्या कर दी गई थी। मामले की जांच बाद में सीबीआई को सौंप दी गई थी। औसीबीआई को रामनारायण का सुराग करीब डेढ़ माह पहले इसी प्रकरण में धाता क्षेत्र के सिमरी गांव से गिरफ्तार किए गए सूरजभान से मिला था। पूछताछ के बाद टीम रामनारायण तक पहुंच सकी। दोनों आरोपियों के खिलाफ विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट, सीबीआई अदालत लखनऊ ने वर्ष 2005 में पेशी पर अनुपस्थित रहने पर गैर-जमानती वारंट जारी किया था।
बताया जाता है कि सीबीआई टीम करीब पांच दिनों तक गांव में सादे कपड़ों में रहकर स्थानीय लोगों से जानकारी जुटाती रही। भनक लगने पर रामनारायण गांव से निकलकर थाने पहुंच गया। लेकिन टीम ने उसे वहीं दबोच लिया। मेडिकल परीक्षण के बाद उसे ट्रांजिट रिमांड पर अपने साथ ले गई।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी की पत्नी वर्षों तक उसके मारे जाने की बात कहकर जांच को गुमराह करती रही। सीबीआई के अनुसार रामनारायण और सूरजभान का संबंध यमुना कटरी के कुख्यात डकैत गिरोह से रहा है। उन पर हत्या, लूट और डकैती की कई घटनाओं में शामिल होने के आरोप हैं। पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक ने बताया कि सीबीआई टीम ने गिरफ्तारी के संबंध में स्थानीय पुलिस को सूचना दी थी।
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