उत्तर प्रदेश फतेहपुर जिले में मोहर्रम के बिसवां के मौके पर गुरुवार देर रात से शुक्रवार सुबह तक शहर में गम और एहतराम का माहौल रहा। मोहल्ला अरबपुर, पीरनपुर और सनगांव में अकीदतमंदों ने ताजिया और अलम के जुलूस निकालकर हज़रत इमाम हुसैन (अ.स.) और कर्बला में शहीद हुए उनके 72 वफादार साथियों को ख़िराज-ए-अकीदत पेश किया। रात करीब 11 बजे के बाद जैसे ही बिसवां का दिन शुरू हुआ, तीनों मोहल्लों से सजे-धजे ताजिये और ऊंचे अलम सड़कों पर निकले। अज़ादारों ने काले लिबास पहनकर “या हुसैन, या हुसैन” के नौहों और मातम के साथ जुलूस में शिरकत की। पूरे रास्ते नज़र-नियाज़ की सबीलें लगाई गईं और शर्बत, पानी का इंतजाम किया गया। श्रद्धा और अनुशासन के साथ हुआ आयोजन जुलूसों में बड़ी संख्या में बच्चे, युवा और बुजुर्ग शामिल हुए। हर ताजिये के आगे अंजुमनों ने मरसिए पढ़े और कर्बला के वाकये को याद किया। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस और प्रशासन के लोग भी तैनात रहे ताकि जुलूस शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो।अज़ादारों का कहना था कि बिसवां इमाम हुसैन की शहादत का 20वां दिन है। इस दिन हम उनके पैगाम-ए-हक और कुर्बानी को याद करते हैं। उनके बताए रास्ते पर चलने का संकल्प दोहराते हैं। शुक्रवार सुबह फज्र के बाद जुलूस अपने-अपने कर्बलाओं में पहुंचकर समाप्त हुए। वहां दुआ और फातिहा पढ़कर देश में अमन-चैन की दुआ मांगी गई। शहर के उलमा और मोहल्ला कमेटियों ने सभी से भाईचारा और मोहब्बत बनाए रखने की अपील की। इस मौके पर अरबपुर कमेटी के तरफ से मिराज, मोहम्मद आरिफ, प्रधान, हाशिम, शालू, अज़ल कमर, शोएब, तमाम लोग मौजूद रहे।
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