उत्तर प्रदेश फतेहपुर जिले में जिंदपुर टोल प्लाजा पर गुरुवार को भारतीय किसान यूनियन टिकैत गुट ने जमकर प्रदर्शन किया। किसानों का आरोप है कि टोल कर्मियों ने तिरंगा यात्रा को जबरन रोका, गाली-गलौज की और बाद में पुलिस-प्रशासन की मिलीभगत से किसानों पर फर्जी मुकदमा दर्ज करवा दिया । धरने का नेतृत्व भाकियू टिकैत के राष्ट्रीय संगठन मंत्री राजेन्द्र सिंह चौहान ने किया। जिलाध्यक्ष नवल पटेल समेत सैकड़ों किसान सुबह से ही टोल प्लाजा पर बैठ गए और टोल कर्मियों की गुंडागर्दी के खिलाफ नारेबाजी की। किसान नेताओं के मुताबिक 13 अगस्त को राष्ट्रीय आह्वान पर निकाली जा रही तिरंगा यात्रा को जिंदपुर टोल पर रोक दिया गया। आरोप है कि टोल कर्मियों ने यात्रा में शामिल किसानों के साथ अभद्रता की। विरोध करने पर टोल कर्मियों ने खुद टाइल्स पर रगड़ कर चोट के निशान बनाए और उसका वीडियो वायरल कर दिया।

इसके बाद टोल मैनेजर की तहरीर पर पुलिस ने रातों-रात कार्रवाई करते हुए तीन नामजद और 40 से 45 अज्ञात किसानों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस ने दो युवाओं को हिरासत में भी लिया। इसी के विरोध में किसान धरने पर बैठ गए। धरने पर बैठे नेताओं ने कहा कि टोल कर्मी बिना वर्दी और पहचान पत्र के ओवरलोड वाहनों से अवैध वसूली कर रहे हैं। इसे गुंडा टैक्स बताया गया। किसानों का कहना है कि इस वसूली की कोई एंट्री न जिला प्रशासन को दी जाती है और न ही RTO को।जिलाध्यक्ष नवल पटेल ने कहा।टोल पर आम जनता और किसानों के साथ रोज बदतमीजी होती है।

13 अगस्त को तिरंगा यात्रा रोकना और फिर उल्टा किसानों पर केस करना पूरी तरह गलत है। अगर टोल कर्मियों की मनमानी बंद नहीं हुई तो हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने किसान नेताओं से वार्ता की। वार्ता में मुकदमा खत्म करने का आश्वासन दिया गया है। हालांकि भाकियू टिकैत ने साफ चेतावनी दी है कि अगर एक महीने में टोल की कार्यशैली में सुधार नहीं हुआ तो टोल पर महापंचायत बुलाई जाएगी। नेताओं ने कहा कि जरूरत पड़ी तो पूरे दिन टोल फ्री कराया जाएगा, चाहे कितने भी मुकदमे दर्ज हो जाएं। फिलहाल धरने के बाद टोल पर पुलिस बल तैनात है और स्थिति सामान्य बताई जा रही है।
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