उत्तर प्रदेश फतेहपुर जिले में मेरा रेशम मेरा अभिमान” के तहत फतेहपुर में वैज्ञानिक एरी रेशम को बढ़ावा, किसानों की आय में वृद्धि की नई राह। मेरा रेशम मेरा अभिमान (MRMA) 2.0 के अंतर्गत सीएसबी-ईआरईसी, फतेहपुर द्वारा उत्तर प्रदेश रेशम विभाग के सहयोग से ग्राम धौरहरा में किसानों के लिए एरी रेशमकीट पालन पर कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में 67 किसानों ने भाग लेकर वैज्ञानिक तकनीकों की जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम की शुरुआत केंद्रीय रेशम बोर्ड द्वारा तैयार एरी रेशमकीट पालन संबंधी वीडियो के प्रदर्शन से हुई। इसके बाद वैज्ञानिक एरी रेशमकीट पालन, अरंडी की उन्नत खेती एवं उसकी अर्थव्यवस्था, कीटाणुशोधन एवं स्वच्छता तथा व्यावसायिक स्तर पर तुरी रेशमकीट पालन अपनाकर आय बढ़ाने के विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन डॉ. डी. के. जिज्ञासु, वैज्ञानिक-डी ने किया। उन्होंने एमआरएमए 2.0 के उद्देश्यों एवं एरी रेशमकीट पालन की वैज्ञानिक तकनीकों की जानकारी देते हुए किसानों को व्यावसायिक स्तर पर एरी रेशमकीट पालन अपनाने के लिए प्रेरित किया। ग्रान प्रधान राम विलास ने कार्यक्रम के आयोजन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए अपने गांव में एरी रेशम के विकाम के लिए पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने गांव को प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए चयनित करने हेतु केंद्रीय रेशम बोर्ड एवं रेशम विभाग के प्रति आभार व्यक्त किया। एस. पी. निगम, एसडीओ, रेशम विभाग, उत्तर प्रदेश ने उन्नत अरंडी उत्पादन तकनीक एवं इसकी आर्थिकाः उपयोगिता पर जानकारी दी। राजनारायण, फे ने एरिकल्चर में कीटाणुशोधन, स्वच्छता एवं जैव-सुरक्षा के महत्व को समझाया। राम जीवन, एफए ने उन्नत एरी रेशमकीट पालन तकनीकों की जानकारी देते हुए किसानों को व्यावसायिक स्तर पर एरी रेशमकीट पालन अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया। कार्यक्रम के दौरान किसानों ने तकनीकी विशेषज्ञों से संवाद कर अपनी समस्याओं एवं जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया। मेरा रेशम मेरा अभिमान 2.0 के माध्यम से फतेहपुर में वैज्ञानिक एरी रेशमकीट पालन को बढ़ावा देने, किसानों की तकनीकी क्षमता मजबूत करने तथा टिकाऊ ग्रामीण आजीविका एवं आय वृद्धि के नए अवसर सृजित करने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।
नोट:- पूरे महीने का विज्ञापन बुक कराए कम कीमत में सम्पर्क करें। 9044684414

