उत्तर प्रदेश फतेहपुर जिला चिकित्सालाय के इमरजेन्सी मेें गुरूवार की दोपहर इलाज के लिए आयी वृद्ध महिला की इलाज के दौरान मौत हो गयी। वहीं मृतिका के परिजनो ने गलत इंजेक्शन लगाने का आरोप लगाया है। मौत के बाद परिजनों ने इमरजेन्सी में हंगामा शुरू कर दिया। मौके में पहुंचे मुख्य चिकित्साधीक्षक ने मृतिका के परिजनों को समझा बुझाकर आश्वासन दिया की। आरोपियों को बक्सा नहीं जायेगा। जानकारी के अनुसार असोथर थाना क्षेत्र के ग्राम कुशुम्भी गाँव निवासी स्व0 मुन्नी लाल की 60 वर्षीय पत्नी प्रेमा देवी को रात लगभग 11 बजे अचानक सीने में दर्द व गले में तकलीफ होने लगी जिस पर गुरूवार की दोपहर परिजन सरकारी एम्बुलेंस द्वारा उपचार के लिए जिला चिकित्सालय लाये।


जहां इमरजेन्सी में इलाज के दौरान इजेंक्शन लगाने के बाद मरीज महिला को वार्ड के 33 नम्बर में भर्ती कराया गया। लगभग आधे घन्टे के बाद वृद्धा की हालत बिगडने लगी और उसकी मौत हो गयी। मौत के बाद परिजनों ने इमरजेन्सी में हंगामा शुरू कर दिया। वहीं घटना की सूचना पर मुख्य चिकित्साधीक्षक राजेश कुमार मौके में पहुंच कर हंगामा काट रहे परिजनों को शान्त करा कार्यवाई करने आ भरोसा दिया। वहीं मृतिका की बहू प्रियंका देवी पत्नी बीरेन्द्र कुमार ने बताया कि इमरजेन्सी में इलाज के दौरान बाहर से 780 रूपये का इंजेक्शन लाया गया और उसकी सास के लगाने के बाद हालत बिगडने लगी और वार्ड में ले जाने के कुछ ही देर के बाद मौत हो गयी। हालाकि मुख्य चिकित्साधीक्ष को दिये गये शिकायती पत्र में इमरजेन्सी में तैनात वार्ड ब्वाय प्रशान्त पाल व वार्ड ब्वाय राजेश पर आरोप लगाया है। बताया कि गया है कि प्रशान्त पाल ने बाहर का इंजेक्शन लिखा था और राजेश ने मरीज के तीमारदार को पर्ची पकडाई थी।
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