उत्तर प्रदेश फतेहपुर जिले के खागा तहसील क्षेत्र के अन्तर्गत एसपीएस चितौली में सुंदरकांड पाठ के उपरांत काव्य गोष्ठी का आयोजन हुआ। कार्यक्रम के संयोजक राजेंद्र सिंह रहे, अध्यक्षता वरिष्ठ कवि एवं शायर शिवशरण बंधु हथगामी ने की, जबकि संचालन भी राजेंद्र सिंह ने किया। गोष्ठी में कवियों ने एक से बढ़कर एक रचनाएं सुनाकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। शिवशरण बंधु हथगामी ने सुनाया – भक्त न होते अगर धरा पर, तीरथ धाम नहीं होते, अगर गोपियां साथ न होतीं तो घनश्याम नहीं होते, एक वचन के पालन में राजपाट सब त्याग दिया, सत्ता के लोभी लोगों के दिल में राम नहीं होते। गीतकार ज्ञानेन्द्र गौरव की पंक्तियां – कैद करके रख लिया जिन्हें उड़ान चाहिए, मुझे मेरे हिस्से का आसमान चाहिए – पर खूब तालियां बजीं। युवा कवि शिवम हथगामी ने – दो घरों को सजाती हैं ये बेटियां, बेटियों से बड़ी कोई दौलत नहीं – सुनाकर बेटी के महत्व को रेखांकित किया। व्यंग्यकार हरि बाबू राउत ने – आवारा हूं मगर अंदर नहीं, खारा हूं मगर समंदर नहीं – पढ़ा। युवा शायर अनुज शम्स हथगामी, मोहित तिवारी और गिरिजेश गरारा ने भी अपनी रचनाओं से समा बांधा। अंत में ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने आभार व्यक्त किया।
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