उत्तर प्रदेश मेरठ जिले में एक लालची भाई-भाभी के चंगुल से पुलिस ने युवती को निकालकर उसकी जान बचाई। देर रात ब्रहमपुरी क्षेत्र निवासी महविश को उसकी भाभी ने बहाने से बुलाकर मारने का प्रयास किया। तभी मौके पर पहुंची पीआरवी की नजर युवती पर पड़ी। एसआई गौरव ने न केवल युवती को भाई-भाभी के हाथों कत्ल होने से बचाया, बल्कि उन्हें गिरफ्तार भी कर लिया।

पीड़िता ने बताया भाभी ने भाई की बीमारी बताकर हमको बुलाया जबकि 5 वर्ष पूर्व हमारे अब्बू-अम्मी दोनों का इंतकाल हो चुका है। बड़ा भाई मो. मोहसिन शादीशुदा है। मोहसिन की पत्नी फातिमा और उसका एक बच्चा है। अब्बू-अम्मी के इंतकाल के बाद से भाई-बहन में संपत्ति विवाद चल रहा है। महविश ने बताया भाई ने मुझे घर से निकाल दिया है। खर्चा भी नहीं देता मैं अविवाहित हूं, अकेली रहती हूं। जॉब करके अपना खर्च चलाती हूं। भाभी फातिमा ने अचानक 12 बजे देर रात फोन किया कहा तेरे भाई बहुत बीमार है। अस्पताल ले जाना पड़ेगा, तुम जल्दी घर आ जाओ। भाई की बीमारी की बात सुनकर मैं फौरन भाई के घर जाने लगी। तभी रास्ते में भाभी, भाई दोनों मिले और मुझे पकड़कर अंधेरे में ले गए। अंधेरे में ले जाकर पहले भाभी ने मुझे मारापीटा। भाभी के हाथ में चाकू था मेरी हत्या का प्रयास करने लगी। भाई-भाभी पहले भी मुझसे संपत्ति अपने नाम कराने के लिए लड़ चुके हैं।

अंधेरे में मोबाइल की रोशनी देखकर पुलिस को शक हुआ
भाई-भाभी युवती की हत्या करने का प्रयास कर रहे है। तभी मौके से गुजर रही पीआरवी को अंधेरे में टार्च की रोशनी दिखाई दी। सुनसान जगह पर रोशनी देखकर पुलिस को बदमाशों के होने का शक हुआ। तभी पीआरवी गाड़ी के एसआई गौरव नीचे उतरे और घटना की तरफ जाने लगे। वहां देखा कि महविश को उसकी भाभी चाकू से मारने का प्रयास कर रही है। साथ में भाई भी खड़ा है। पूछताछ में युवती ने सारी कहानी एसआई को बताई। पुलिस ने तुरंत युवती को बचाकर घर पहुंचाया। भाई को थाने ले आई।

एएसपी विवेक के अनुसार पीआरवी 539 ने क्रिटिकल समय पर पहुंचकर युवती की जान बचाकर सराहनीय कार्य किया है। इसके लिए पुरस्कार की संस्तुति की है। भाई-भाभी ने मकान नाम लिखाने और पैसे लेने के लिए बहन को बहाने से बुलाया था। भाभी के पास से चाकू भी मिला है जिससे हत्या का प्रयास हुआ।

By

Share
Share
error: Content is protected !!