उत्तर प्रदेश फतेहपुर जिले के हसवा विकास खंड क्षेत्र के एकारी ग्राम पंचायत में पांच दिवसीय मौन मधुमक्खी पालन का प्रशिक्षण दिया गया। किरन इंटरप्राइजेज गोसाईं गंज लखनऊ गोसाई गंज से प्रशिक्षक ब्रजेश कुमार वर्मा ने बेरोजगार युवाओं को बताया कि मधुमक्खी मौन पालन अपनाकर बेरोजगारी दूर करें। घर बैठे अपने अपने गाँव में मधुमक्खी पालन से लाखों रुपये कमा सकते हैं। सरकार द्वारा संचालित योजनाओं को बेरोजगार युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। मौन पालन से शुद्ध शहद मिलेगी। मधुमक्खी मौन फूलों के मीठें रस को चुसकर मुंह में लाती हैं। और लार व अन्य एन्जाइमों से मिलकर रस को मधुकक्ष में एकत्र करतीं हैं। जब मौन छत्ते में पहूंचती है। इस अपरिपक्व मधू को छत्ते में उडेल देती है। और फिर मोम से बंद कर देती हैं। एक किलो ग्राम मौन बनाने के लिए मधुमक्खियों को 20 किलो शहद खाकर पचाना होता है। तब एक किलो ग्राम मोम तैयार होता है। अनेकों उधोगो में मोम की आवश्यकता पड़ती है। मधुमक्खी पालन के लिए अक्टूबर और नवम्बर में शुरू करे। खादी ग्रामोद्योग विभाग से विश्राम सिंह ने युवाओं बताया कि मधुमक्खी पालन और प्रशिक्षण के लिए खादी ग्रामोद्योग विभाग से पंजीकरण करें। जिससे बेरोजगार युवाओं को परदेश नहीं जाना पडेगा, गाँव में युवाओं को खेती के साथ साथ मधुमक्खी पालन जरूर करें। जिससे परिवार की आमदनी बढाया जा सकें। दो दर्जन से अधिक लाभार्थी युवाओं कीट वितरण किया गया। जिसमें मुंह रक्षक जाली बकदूट थैला, थैला, दस्ताने, घुआकर, (स्मोकर) मामौन, रोकदार, मधु छलना, चीटी अवरोधक , प्लालियां, स्टैंड, हथौडी, आरी, फीडर, पोलनट्र, हाइवटेल आदि सामान वितरण किया गया। मधुमक्खी पालन के लिए बेरोजगार युवाओं को जब कीट मिली तो आंखों में खुशियाँ झलक पडीं। इस मौके पर कृष्ण दत्त पाल, छवि नाथ, चुन्नी लाल, हीरा लाल, देवेंद्र, रामबन, उमेश, सुमन देवी, संदीप, धर्मेन्द्र, रामबाबू, जगदीश, देवानन्द सिंह सहित अन्य लाभार्थी मैहजूद रहे।
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