उत्तर प्रदेश फतेहपुर जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की दुर्दशा थमने का नाम नहीं ले रही है। यहां के डॉक्टर जिला अस्पताल की ओपीडी टार्च की रोशनी में चलाने को मजबूर है। हर रोज सैकड़ों मरीज इस अस्पताल में इलाज के लिए आते हैं।

लेकिन बिजली की नियमित कटौती के कारण डॉक्टरों को 3 से 4 घंटे तक टार्च की रोशनी में ही मरीजों का इलाज करना पड़ता है। बिजली जाने के बाद जिला अस्पताल में पॉवर बैकअप की कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं है।

जिससे मरीजों और डॉक्टरों दोनों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। जिले के सदर अस्पताल की इस समस्या ने जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की असलियत को उजागर कर दिया है। इस स्थिति को देखते हुए मरीजों और उनके परिजनों में रोष है।

वह जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान चाहते हैं। वहीं जिला अस्पताल सीएमएस पीके सिंह की माने तो अस्पताल में 125 केवीए का जनरेटर है लेकिन वह खराब पड़ा हुआ है।

उसके लिए कॉलेज के प्रचार्य को अवगत करा दिया गया है, जल्द ही टेंडर की कार्यवाई के बाद बन जायेगा। जिसकी वजह से अभी दिक्कत आ रही है।
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