उत्तर प्रदेश फतेहपुर जिले के औंग में दो दिन पूर्व हुई तेज बारिश के बाद गंगा व उसकी सहायक पांडु नदी में धीरे धीरे जलस्तर बढ़ने से गंगा व पांडु नदी के कछार में बसे गांवों के घरों में पानी घुसने से ग्रामीण परेशान हैं। जीवन यापन दुश्वार हो चुका है। प्रशासन ने विस्थापित कैंप में सारे इंतजाम पूरे करने के बाद ग्रामीणों से कैंप में शरण लेने की अपील की है। वही हजारों बीघे की फसले डूबकर बरबाद हो गई हैं। औंग थाना क्षेत्र के बिंदकी फॉर्म संदनहा बेनीखेड़ा चारों तरफ से घिर चुके हैं। गंगा नदी एवं पांडु नदी के बढ़ते जल से प्रभावित गांव रामघाट, वेरी नारी, बेनी खेड़ा, बिंदकी फॉर्म, सदनहा, मदारपुर, जाड़े का पुरवा, औसेरीखेड़ा, नया खेड़ा, बड़ा खेड़ा, दरियापुर कटरी, अभयपुर गांव के पांडु नदी व गंगा नदी के जल के बढ़ने से बाढ़ प्रभावित क्षेत्र गलाथा, के मजरों में तहसीलदार अचिलेश सिंह एवं नयाब तहसीलदार अरविंद कुमार ने रामघाट बेरी, नई बेनी खेड़ा, बिंदकी फॉर्म, संदनहा गांव का नाव से दौरा किया एवं सभी बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों से अपील किया कि आप लोग बाढ़ विस्थापित कैंप में पहुंचे वहां सारे इंतजाम कर लिए गए हैं।

वहीं किसानों की हजारों बीघे फसल तिली, धान, परवल ,कुंदरु, हरी धनिया, मिर्च, करेला, लौकी ,तरोई कि फैसले नष्ट हो चुकी हैं। तहसीलदार अचिलेश सिंह, नाएब तहसीलदार अरविंद कुमार, ग्राम प्रधान अभयपुर रामदास निषाद, पशुधन प्रसार अधिकारी सुष्मिता यादव ने बताया कि दरियापुर गांव में किसानों द्वारा मवेशियों को टीका ना लगवाने के कारण कुछ मवेशी टीकाकरण से छूटे थे जिसमें 40 मवेशियों को टीकाकरण किया गया है। 110 पशुओं को कीड़े की दवा का वितरण किया गया। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के मवेशियों पर बराबर नजर रखी जा रही है।
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