उत्तर प्रदेश फतेहपुर बिंदकी कोतवाली क्षेत्र में पद्मश्री से अलंकृत राष्ट्रकवि पंडित सोहनलाल द्विवेदी की जयंती के अवसर पर गुरुवार को बिंदकी कस्बे के रामलीला मैदान स्थित पुस्तकालय एवं वाचनालय परिसर में उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस दौरान उपस्थित लोगों ने उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर विस्तार से चर्चा की। कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि पंडित सोहनलाल द्विवेदी हिंदी राष्ट्रभाषा के सुप्रसिद्ध कवि थे। उनकी कविताओं में देशप्रेम और गांधीवाद की स्पष्ट झलक मिलती है। उनकी रचनाओं से प्रेरित होकर स्वतंत्रता संग्राम के दौरान युवाओं में देशभक्ति का जोश जागृत हुआ और उन्होंने आजादी की लड़ाई में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। बताया गया कि उनकी प्रमुख रचनाओं में भैरवी, पूजा गीत, प्रभाती, युगाधार, विषपान और दूध बताशा शामिल हैं। वे महात्मा गांधी से अत्यधिक प्रभावित थे और उन्होंने युगावतार गांधी जैसी प्रेरणादायक रचनाएं भी लिखीं। उनकी प्रसिद्ध पंक्तियां “चल पड़े जिधर दो डगमग पग, चल पड़े कोटि पग उसी ओर” तथा “वंदना के इन स्वरों में एक स्वर मेरा मिला लो” आज भी लोगों को प्रेरित करती हैं। इस दौरान राष्ट्रकवि के पौत्र मुकेश द्विवेदी ने बताया कि होली पर्व के कारण जयंती कार्यक्रम का विस्तृत आयोजन नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि 10 मार्च के बाद राष्ट्रकवि की जयंती का विधिवत कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर नगर पालिका परिषद बिंदकी की चेयरमैन राधा साहू, राष्ट्रकवि के पौत्र मुकेश द्विवेदी, पौत्री आकांक्षा द्विवेदी, पौत्रवधू शालिनी द्विवेदी, चेयरमैन पति रामकुमार साहू, पूर्व चेयरमैन मुन्नालाल सोनकर, भाजपा मंडल अध्यक्ष पूरन सिंह, भाजपा नेत्री स्वामी ओमर, पूर्व मंडल अध्यक्ष सुल्तान सिंह, अधिवक्ता अरुण द्विवेदी, समाजसेवी लक्ष्मी चंद्र उर्फ मोना ओमर, अशोक द्विवेदी, अनूप अग्रवाल सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
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