उत्तर प्रदेश फतेहपुर जिले के सुल्तानपुर घोष थाना क्षेत्र के पूरेकाशी मजरे हसनपुर कसार गांव में 17 मार्च को शुरू हुआ आपसी विवाद बुधवार की शाम हिंसक झड़प में बदल गया। गेहूं के खेत में बेर और आम की पत्तियां तोड़ने के लेकर शुरू हुआ कहासुनी आपसी समझौते के दौरान अचानक खूनी संघर्ष में बदल गई। बताया जा रहा है कि समझौते के दौरान ही एक पक्ष ने ग्राम प्रधानप्रतिनिध अनिकेत सिंह उर्फ रवि सिंह और उनके समर्थकों पर लाठी डंडे, ईंट पत्थरों से हमला कर दिया। जिसके चलते प्रधान प्रतिनिधि सहित कई लोग बुरी तरह से घायल हो गए। जानकारी के मुताबिक बताते चलें कि बृहस्पतिवार को सुबह से ही गाँव में सन्नाटा पसरा रहा, और स्थित सामन्य रही। वहीं पुलिस ने पीड़ित अकबर अली की तहरीर के आधार पर सहादत अली, लाल मिया, सौकत अली, कमर उद्दीन पुत्र नूर उद्दीन, मोहम्मद इस्लाम पुत्र लाल मिया, मोहम्मद कलीम पुत्र लाल मिया, मोहम्मद तंजीम पुत्र लाल मिया, मोहम्मद गुफरान पुत्र मोहब्बत अली, मोहम्मद इमरान पुत्र मोहब्बत अली, मोहम्मद इरफान पुत्र मोहब्बत अली, मोहब्बत अली पुत्र किफायत उल्ला, मोहम्मद इदरीश पुत्र मोहब्बत अली, नियमित अली पुत्र हमीद उल्ला, मोहम्मद असलम पुत्र जमादुलहसन, मोहम्मद कौसेन पुत्र मोहम्मद असलम, मोहम्मद सान पुत्र मोहम्मद कमर उद्दीन, मोहम्मद तबरेज पुत्र जुल्फेकार, जुल्फेकार पुत्र रसूल बक्स, इस्लाम उद्दीन पुत्र नूर उद्दीन, अली अहमद पुत्र इकबाल उद्दीन, अनस पुत्र अली अहमद, मोहम्मद फारुख पुत्र हमीद उल्ला सहित 21 लोगों के खिलाफ पुलिस ने संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया हैवहीं सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक बता दें कि अबतक पुलिस ने आधा दर्जन लोगों को हिरासत में लिया है।

वही मामूली विवाद बना खूनी संघर्ष, प्रधान प्रतिनिधि सहित कई लोग घायल, 21 लोगों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज पुलिस फरार चल रहे लोगों की धड़पकड़ के लिए लगता प्रयास कर रही है। घायल प्रधान प्रतिनिधि अनिकेत सिंह उर्फ़ रवि सिंह व भाई शानू सिंह अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जिसमें रवि सिंह को कानपुर से भी रिफर कर दिया गया है, जिसका इलाज लखनऊ के चंदन हॉस्पिटल में भर्ती कराने के लिए ले गये थे आंख की स्थिति गंभीर होने के कारण केजीएमयू हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है। बताया जा रहा है कि बाई तरफ़ की आंख पुरी तरह ख़राब हो चुकी है। ग्रामीणों के मुताबिक बेर व पत्ती तोड़ने को लेकर बावली उर्फ़ युसूफ व सहादत के बीच आपसी कहा सुनी हुई थी, जिस दौरान ग्राम प्रधान प्रतिनिधि के पास दोनों पक्षो को लेकर समझौता होने जा रहा था, तभी इसी दौरान साहदत ने ग्राम प्रधान को बावली का पक्षपात करने का आरोप लगा रहे थे, तभी इसी बीच ग्राम प्रधान व विपक्षी साहदत के बीच कहासूनी तेज हो गई और पीड़ितों के विपक्षियों की तरफ़ लालमियां के घऱ में योजनाबद्ध तरिके से लाठी डंडो से लैश ईंट पत्थर चला दिये गये, जिसमें से प्रधानप्रतिनिध सहित अन्य कई लोग घायल हो गये।बुधवार की शाम हुए खूनी संघर्ष के बाद पुलिस ने पूरे गांव को छावनी में तब्दील कर दिया है। स्थानीय पुलिस के साथ पीएसी की एक बटालियन तैनात की गई है। गांव में कड़ी निगरानी रखी जा रही है और हालात पर प्रशासन की पैनी नजर बनी हुई है। जानकारी के मुताबिक बता दें कि हालिया खूनी संघर्ष के बाद पूरे गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। लोग अपने अपने घरों से बाहर नहीं निकल रहे है। कुछ लोगों ने घटना के बाद से अपने घरों को छोड़कर बाहर चले गए है। जिसके चलते अब गांव की गलियां सूनी पड़ गई है। सूत्रों के मुताबिक यूसुफ उर्फ बवाली ग्राम प्रधान प्रतिनिधि का बहुत करीबी बताया जाता है। इसी प्रभाव के चलते वह हमेशा गांव में विवाद करता रहता है। आए दिन झगड़ों के कारण गांव वालों ने उसे बवाली नाम दे दिया है। हालांकि सूत्र ये भी बताते हैं कि बवाली के चर्चे आसपास के गांवों तक में फैली हुई है। सूत्रों की माने तो 17 मार्च को शायमा गांव के बाहर जंगल में गांव के ही रहने वाले अब्दुल जब्बार के गेहूं के खेत में लगे बैर के पेड़ से बैर की पत्ती तोड़ रही थी। जिसको लेकर खेत मालिक अब्दुल जब्बार ने मना किया। इसके बाद दोनों के बीच कहासुनी हुई। शायमा अब्दुल जब्बार के घर जाकर उनकी पत्नी से शिकायत की। उसके बाद घर जाकर अपने भाई शहादत से पूरे घटनाक्रम को अवगत कराया। जिसके बाद शहादत भी गाली गलौज करने लगा। हालांकि ग्रामीणों के समझने के बाद मामला शांत हुआ। लेकिन बुधवार की शाम को एक छोटा स विवाद खूनी संघर्ष का रूप ले लिया। बुधवार की शाम हुए खूनी संघर्ष के बीच बृहस्पतिवार को गांव के प्राथमिक स्कूल में भी इसका काफी असर देखने को मिला है। डर दहशत व खौफ के साए में स्कूल में बच्चों की संख्या पर भी खासा असर पड़ा हुआ हैं। प्रधानाचार्य अशोक कुमार ने बताया कि कुल 82 छात्र हैं। जिससे बच्चों की संख्या बहुत ही कम पहुंची थी। अभिभावकों के फोन आए कि बच्चों के लिए कोई खतरा तो नहीं है। और आज कुल 45 बच्चे ही स्कूल पहुंचे। जिसमें से कुछ बच्चों को उनके घर जाकर बुलाना पड़ा।
नोट:- पूरे महीने का विज्ञापन बुक कराए कम कीमत में सम्पर्क करें। 9044684414

