उत्तर प्रदेश फतेहपुर जिले की खागा तहसील में प्रैक्टिस कर रहे वकीलों ने आबकारी विभाग की भूमि पर बने चेम्बर हटाने से पहले वैकल्पिक जगह देने की मांग उठाई है। वकीलों ने शनिवार को समाधान दिवस में सीडीओ को पत्र देकर कहा कि बगैर व्यवस्था हटाने से जूनियर अधिवक्ताओं का काम ठप हो जाएगा।बार एसोसिएशन खागा के अनुसार, आबकारी विभाग की खाली पड़ी जमीन पर वकीलों ने करीब 8 साल पहले चेम्बर/बस्ते बना लिए थे। 12 जून 2026 को आबकारी इंस्पेक्टर रमेश सिंह ने बार अध्यक्ष के जरिए सभी चेम्बर हटाने की चेतावनी दे दी। इसके बाद खागा के वकील एकजुट हो गए। वरिष्ठ अधिवक्ता रामसखा द्विवेदी के नेतृत्व में जूनियर वकीलों ने पत्र में कहा कि तहसील में विधि व्यवसाय करने वालों के लिए बैठने की जगह प्रशासन की जिम्मेदारी है। आबकारी भूमि का पहले चिन्हांकन हो, ताकि पता चल सके कितने चेम्बर प्रभावित हैं।. प्रभावित अधिवक्ताओं के लिए उचित स्थान पर नए चेम्बर बनाने को जगह दी जाए। जगह उपलब्ध कराने के बाद ही मौजूदा चेम्बर हटाए जाएं। रामसखा द्विवेदी ने कहा “अगर वकील का चेम्बर ही नहीं रहेगा तो वो कोर्ट में कैसे खड़ा होगा। प्रशासन पहले व्यवस्था करे, फिर कार्रवाई करे।”पत्र देने के समय मोहम्मद इसराइल फारूकी, श्याम कुमार गुप्ता, पंकज, अखिलेश यादव, आशीष शुक्ला, नीतू जायसवाल एडवोकेट, स्मिता एडवोकेट, कृष्णा एडवोकेट, आदर्श सिंह एडवोकेट, कमलेश लोधी एडवोकेट, प्रशांत कुमार एडवोकेट समेत सैकड़ों अधिवक्ता मौजूद रहे।
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