उत्तर प्रदेश फतेहपुर जिले में कृषि विभाग और प्रशासन की संयुक्त टीम ने बिंदकी क्षेत्र के भोलेपुरवा गांव में छापेमारी कर उर्वरकों की कालाबाजारी का बड़ा खुलासा किया है। टीम ने एक गोदाम से भारी मात्रा में DAP, यूरिया और सल्फर बरामद कर उसे सील कर दिया। आरोपी के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत थाना जाफराबाद में FIR दर्ज कराई गई है। कृषि विभाग को सूचना मिली थी कि भोलेपुरवा गांव के एक गोदाम में बिना लाइसेंस के उर्वरकों का अवैध भंडारण कर कालाबाजारी की जा रही है। सूचना पर उर्वरक निरीक्षक बिंदकी रंजीत कनोजिया और नायब तहसीलदार बिंदकी राहुल कुमार के नेतृत्व में टीम ने क्षेत्रीय पुलिस बल के साथ मौके पर छापा मारा। जांच में पाया गया कि गोदाम कौशल किशोर पुत्र लाल बहादुर निवासी घेरा, विकास खण्ड खजुआ का है। आरोपी ने बताया कि उसकी उर्वरक की दुकान करीब एक किलोमीटर दूर है, लेकिन जिस गोदाम में खाद मिली उसका कोई लाइसेंस या अभिलेख नहीं था। यह उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 की धारा 7 और 8 का स्पष्ट उल्लंघन है।

क्या बरामद हुआ DAP 53 बोरी यूरिया, 120 बोरी सल्फर,180 पैकेट टीम ने मौके पर ही अवैध गोदाम को सील कर दिया। बरामद खाद और सल्फर को राज्य सरकार के पक्ष में जब्ती की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। जिलाधिकारी को पूरे प्रकरण की सूचना तुरंत दी गई। अनुमति मिलने के बाद आरोपी के विरुद्ध थाना जाफराबाद में आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करा दी गई। कृषि विभाग ने जनपद के सभी उर्वरक विक्रेताओं को सख्त निर्देश जारी किए हैं। कहा गया है कि उर्वरकों का भंडारण और बिक्री केवल वैध लाइसेंस और निर्धारित स्थान पर ही की जाए। विक्रेता रेट लिस्ट और स्टॉक बोर्ड को प्रतिदिन अपडेट रखें और किसानों को निर्धारित दरों पर बिना किसी जबरन टैगिंग के खाद उपलब्ध कराएं। नियम तोड़ने पर कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने कहा है कि रबी और खरीफ सीजन में कालाबाजारी रोकने के लिए जिले भर में इस तरह की औचक जांच आगे भी जारी रहेगी।
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