उत्तर प्रदेश फतेहपुर जिलें के औंग थाना क्षेत्र के बीकमपुर गांव में हुए खूनी संघर्ष व पांच लोगों पर जानलेवा हमले के मामले में शनिवार को उस समय सनसनी फैल गई, जब करीब 48 घंटे से लापता चल रहे राजू विश्वकर्मा (48) का शव कल्यानपुर थाना क्षेत्र के मुरादीपुर पुलिया के नीचे रामगंगा नहर में फंसा मिला।पुलिस ने शव को बाहर निकलवाकर शिनाख्त के प्रयास किए तो औंग पुलिस की सूचना पर पहुंचे परिजनों ने कपड़ों के आधार पर शव की पहचान राजू विश्वकर्मा पुत्र महावीर विश्वकर्मा के रूप में की। राजू का शव मिलने के बाद पहले से ही रहस्यमय बने बीकमपुर कांड ने और गंभीर मोड़ ले लिया है। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अब पोस्टमार्टम और फोरेंसिक जांच रिपोर्ट से राजू की मौत की वजह और नहर तक शव पहुंचने की गुत्थी सुलझने की उम्मीद है। पुलिस के मुताबिक पूरे घटनाक्रम की शुरुआत 2 सितंबर 2026 को हुई थी। आशापुर निवासी पवन विश्वकर्मा राजू विश्वकर्मा को उसके पुत्र राजकरन के लिए लड़की दिखाने के बहाने अपने साथ ले गया था। इसके बाद पवन अकेले वापस लौट आया। जब परिजनों ने राजू के बारे में जानकारी मांगी तो पवन द्वारा उसकी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। राजू के अचानक लापता होने से परिजनों को अनहोनी की आशंका हुई और मामले की सूचना औंग थाना पुलिस को दी गई। पुलिस ने राजू की गुमशुदगी के संबंध में अभियोग दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी। राजू के लापता होने के बाद पुलिस ने उसकी तलाश के लिए टीमें लगाईं। संभावित स्थानों पर पतारसी-सुरागरसी की गई और राजू के बारे में जानकारी जुटाई जाती रही। पुलिस लगातार यह पता लगाने में जुटी थी कि पवन के साथ जाने के बाद राजू कहां गया। इसी बीच अगले ही दिन सामने आई खूनी घटना ने पूरे मामले को और पेचीदा बना दिया। तीन सितंबर की रात बीकमपुर गांव में पवन विश्वकर्मा ने अपने ससुरालीजनों राजेश, राजकरन, प्रदीप, गोरे और बुद्धा पर धारदार हथियार से जान से मारने की नीयत से हमला कर दिया। अचानक हुए हमले से परिवार में चीख-पुकार मच गई। हमले में पांच लोग घायल हो गए। घटना के दौरान बीच-बचाव और आत्मरक्षा में पवन विश्वकर्मा भी गंभीर रूप से घायल हो गया। चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। राजू के पहले से लापता होने के कारण पुलिस के सामने एक साथ कई सवाल खड़े हो गए थे। इन सवालों के जवाब तलाश रही पुलिस राजू का शव मिलने के बाद बीकमपुर कांड की जांच में कई अहम सवाल खड़े हो गए हैं। राजू की मौत कब और कैसे हुई? उसकी मौत नहर में डूबने से हुई या इसके पीछे कोई और वजह है? पवन के साथ जाने के बाद राजू कहां गया? उसका शव मुरादीपुर की रामगंगा नहर तक कैसे पहुंचा? इन सवालों के जवाब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के बाद सामने आने की उम्मीद है। पुलिस का कहना है कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। रिपोर्ट व उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। राजू की मौत के बाद बीकमपुर की घटना अब सिर्फ खूनी हमले तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच में जुटी है।
नोट:- पूरे महीने का विज्ञापन बुक कराए कम कीमत में सम्पर्क करें। 9044684414

Share
Share