उत्तर प्रदेश फतेहपुर जिले के किशनपुर थाना क्षेत्र के नरौली गढ़ा गाँव में मामूली जुखाम बुखार से पीड़ित नौ वर्षीय बालक को परिजन विजयीपुर स्थित झोलाछाप डॉक्टर के पास ले गए। जहां गलत इंजेक्शन लगाने पर उसकी हालत बिगड़ गई। परिजन उसको इलाज के लिए शहर के नर्सिंग होम लाया गया जहा डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक के परिजनों ने डॉक्टर के खिलाफ थाने में तहरीर दी। पुलिस ने मुकदमा पंजीकृत करते हुए सीएमओ के निर्देश पर पीएचसी प्रभारी ने कार्यवाई शुरू कर दी है। बताते चलें कि नरौली गढ़ा गांव निवासी संदीप कुमार के पुत्र शशांक को जुखाम व बुखार था। जिस पर पिता उसे लेकर विजयीपुर स्थित डा. मनोज कुमार के क्लीनिक ले गया। जहां डॉक्टर ने उसे इंजेक्शन लगाया। कुछ ही देर बाद शशांक की हालत बिगड़ने लगी। डॉक्टर व परिजन उसे लेकर खागा स्थित मंथन हास्पिटल ले गए। जहां इलाज के बाद भी हालत न सुधरने पर उसे शहर के जेल रोड स्थित एक निजी नर्सिंग होम लगाया गया। जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद परिवारीजनों में कोहराम मच गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमार्टम हाउस में मृतक के दादा प्रदीप कुमार ने बताया कि मामूली खासी व बुखार पर डाक्टर के यहां ले जाने पर इंजेक्शन लगाने की बात कही। मना करने पर डॉक्टर ने जल्दी आराम मिल जाने की बात करते हुए इंजेक्शन लगाया। जिससे शशांक की हालत बिगड़ने लगी और देर शाम फतेहपुर में डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। उधर पुलिस ने विजयीपुर के झोलाछाप डॉक्टर के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कर तलाश शुरू कर दी है।
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