उत्तर प्रदेश फतेहपुर जिले के कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित महात्मा गांधी मैदान में सोमवार को उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की ओर से आयोजित तीन दिवसीय सरस मेले का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन राज्यमंत्री पशुधन एवं दुग्ध विकास विभाग कृष्णा पासवान, जहानाबाद विधायक राजेंद्र सिंह पटेल, जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स एवं मुख्य विकास अधिकारी पवन कुमार मीना ने फीता खोलकर और दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस दौरान अतिथियों का पौध भेंटकर हरित स्वागत किया गया। मेले में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं द्वारा तैयार किए गए स्थानीय उत्पादों के विभिन्न स्टॉल लगाए गए हैं। अतिथियों ने स्टॉलों का निरीक्षण कर महिलाओं से उत्पादों के निर्माण, गुणवत्ता और बिक्री की प्रक्रिया की जानकारी ली। उन्होंने महिलाओं द्वारा तैयार उत्पादों की खरीदारी कर उनका उत्साहवर्धन भी किया। श्रीअन्न (मोटे अनाज) से बने उत्पादों का स्वाद चखकर उनकी सराहना की। राज्यमंत्री कृष्णा पासवान ने कहा कि स्वयं सहायता समूह की महिलाएं मिट्टी के दीपक, गाय के गोबर से बने दीपक, पूजा सामग्री, सजावटी सामान, मोमबत्तियां और घरेलू उपयोग की विभिन्न वस्तुएं तैयार कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। समूहों से जुड़कर ग्रामीण महिलाएं रोजगार प्राप्त कर रही हैं और अपनी आमदनी से परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत बना रही हैं। उन्होंने आमजन से अपील की कि दीपावली सहित आगामी त्योहारों पर स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा तैयार उत्पादों की खरीदारी करें, जिससे उनकी मेहनत को सम्मान और आर्थिक मजबूती मिल सके। जहानाबाद विधायक राजेंद्र सिंह पटेल ने कहा कि सरस मेले में स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार उत्पाद महिलाओं की बढ़ती आत्मनिर्भरता को दर्शाते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि स्थानीय महिलाओं द्वारा निर्मित वस्तुओं की खरीदारी कर उनके आर्थिक सशक्तिकरण में अपनी भागीदारी निभाएं ।जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स ने बताया कि सरस मेला 2 से 4 नवंबर 2026 तक आयोजित किया जाएगा। यह मेला महिलाओं के हुनर, परिश्रम और उद्यमशीलता को प्रदर्शित करने का अवसर है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन का प्रयास है कि स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को बेहतर बाजार और उचित मंच उपलब्ध कराया जाए। इसके लिए उनके उत्पादों को ऑनलाइन मार्केट से जोड़ने की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि महिलाओं की नियमित आय में वृद्धि हो सके। उन्होंने बताया कि जनपद में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा तैयार उत्पादों को परिषदीय विद्यालयों में मध्यान्ह भोजन के लिए उपयोग की जाने वाली सामग्री की आपूर्ति तथा सरकारी शौचालयों में भी प्रयोग किया जा रहा है। इसके माध्यम से महिलाओं को आर्थिक संबल मिल रहा है। जिला प्रशासन महिलाओं के उत्पादों को नई पहचान दिलाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए विभिन्न नवाचारों पर भी कार्य कर रहा है। कार्यक्रम में परियोजना निदेशक डीआरडीए, डीसी श्रम रोजगार, डीसी एनआरएलएम, एलडीएम, जिला पंचायत राज अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं मौजूद रहीं।
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