उत्तर प्रदेश फतेहपुर जिले की खागा कोतवाली क्षेत्र स्थित कथित दरियाव सिंह स्मारक समिति के महामंत्री राम प्रताप सिंह (अमीन) और उनके साथियों के विरुद्ध मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट-फतेहपुर ने एफआईआर का आदेश सुनाया है। मजिस्ट्रेट ने यह आदेश बीते 8 अक्टूबर 2023 को जनहितकारी इण्टर कॉलेज के प्रवक्ता रहे प्रमोद कुमार सिंह पर ग्राम बुदवन में कथित तौर पर राम प्रताप अमीन और उनके साथियों द्वारा अध्यापक पर किए गए जानलेवा हमले के सम्बन्ध में सुनाया है। बकौल प्रवक्ता उक्त तारीख को उन्हें जान से मारने के उद्देश्य से राम प्रताप अपने साथ लाठी-डंडा से लैश होकर धर्मेन्द्र प्रताप सिंह, ध्रुव सिंह, हरिश्चन्द्र सिंह, प्रवीण सिंह, बृजेश (टब्बू), बब्लू (भूत), अमित, ओम प्रकाश सिंह, सुरेन्द्र सिंह, रवि सिंह व 50-60 व्यक्ति नाम-पता अज्ञात लोगों के साथ आकर प्राण-घातक हमला बोला था। पुलिस के जवानों ने प्रवक्ता की जान बचाकर उन्हें सुरक्षित किया था। प्रवक्ता ने बताया कि राम प्रताप, अमर शहीद ठा0 दरियाव सिंह लोधी का फर्जी प्रपौत्र बनकर सार्वजनिक रूप से सम्मान ले चुका है। वह लोध जाति के सिंगरौर फिरके के अन्तर्गत आने वाले गरीब विद्यार्थियों का लोध जाति का प्रमाण-पत्र निर्गत करवाने में प्रशासन के साथ मिलकर अड़ंगा लगाता है। धमकी देता है जबकि गुप्त रूप से अनेक सिंगरौर अपने लोध जाति का प्रमाण-पत्र बनवाकर शासन की योजनाओं का लाभ ले रहे हैं। इन सबका विरोध करने पर राम प्रताप (अमीन) प्रवक्ता प्रमोद सिंह से रंजिश और खुन्नस मानने लगा तथा जान से मारने का निरंतर प्रयास करने लगा। इसी क्रम में 8 अक्टूबर को प्रवक्ता पर जानलेवा हमला किया गया। प्रवक्ता ने इस पर एफआईआर लिखवाने का प्रयास किया, तो राम प्रताप के प्रभाव और रवि सिंह पुत्र पक्का सिंह के दबाव में थाना पुलिस ने रिपोर्ट पंजीकृत नही किया था। अपने ऊपर हुए हमले पर विधिक न्याय पाने के लिए प्रवक्ता ने न्यायालय की शरण ली, जिस पर लगभग 10 महीने बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने आरोपितों के ऊपर दण्ड-प्रक्रिया संहिता को स्वीकार करते हुए उचित धाराओं में आपराधिक मामला पंजीकृत कर विवेचन का आदेश दिया है। इस पर प्रवक्ता ने कहा कि मुझे न्याय और न्यायालय पर पूरा भरोसा है, सत्य की गति धीमी जरूर होती है, लेकिन जीत हमेशा सच की ही होती है।
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