उत्तर प्रदेश फतेहपुर जिला पोषण समिति एवं कन्वर्जेंस विभागो की समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट महात्मा गांधी सभागार में जिलाधिकारी रविन्द्र सिंह की अध्यक्षता में संपन्न हुई। उन्होंने आँगनबाड़ी केंद्र भवन निर्माण, केन्द्रों पर ऑपरेशन कायाकल्प के तहत पैरामीटरों के संतृप्तिकरण की प्रगति, लर्निंग लैब की प्रगति, पोषाहार वितरण एवं गर्भवती महिलाओं को पुष्टाहार वितरण, एनाआरसी में बच्चों के भर्ती, पोषण ट्रैकर के अंतर्गत आधार फीडिंग, गृह भ्रमण एवं बच्चों के वजन फीडिंग, हॉट कुक्ड मील योजना, ई-कवच रिपोर्ट की विस्तृत समीक्षा की और संबंधितों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। समीक्षा के दौरान वर्ष 2024–25 में स्वीकृत आंगनबाड़ी केन्द्रों का निर्माण कार्य अभी तक शुरू नहीं होने पर खंड विकास अधिकारी देवमई, मलवा, ऐराया, बहुआ, हथगाम और अमौली पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए निर्देश दिए माह जुलाई का वेतन तब तक आहरित नहीं किया जाए जब तक उक्त आंगनबाड़ी केन्द्रों में निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं हो जाता है। ब्लॉक धाता व खजुहा में विगत दो माह में जिला अस्पताल में स्थित एनआरसी में संदर्भित बच्चों की संख्या शून्य होने पर संबंधित सीडीपीओ से स्पष्टीकरण लेने के निर्देश जिला कार्यक्रम अधिकारी को दिए। उन्होंने कहा कि सभी सीडीपीओ अगली बैठक में एनआरसी में संदर्भित बच्चों की रिपोर्ट से अवगत कराए साथ ही सम्भव अभियान को सफल बनाने के लिए मुख्य विकास अधिकारी से कहा कि सम्भव अभियान में विकास खंड स्तर के अधिकारियों एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी स्वास्थ्य से संबंधित अधिकारियों/कर्मचारियों की ड्यूटी लगा दे एवं आंगनबाड़ी केन्द्रों से स्टंटिंग (उम्र के आधार पर कम ऊंचाई वाले बच्चे), वेस्टिंग (कम वजन वाले बच्चे) को चिन्हित कर उनके अभिभावकों को जागरूक करते हुए अभियान में जांचे व सभी अनुमन्य सुविधाएं उपलब्ध कराए और अभियान से संबंधित सभी कार्यों को समय से पूर्ण कर ले। उन्होंने कहा कि चयनित सक्षम आंगनबाड़ी केन्द्रों पर पोषण वाटिका, बाला पेंटिंग, रेन वाटर हार्वेस्टिंग का कार्य समय से पूर्ण कराने के निर्देश खंड विकास अधिकारियों को दिए।

उन्होंने जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देशित किया कि सीडीपीओ द्वारा आंगनबाड़ी केन्द्रों का किए गए निरीक्षणों का क्रास वेरिफिकेशन करा ले साथ ही निरीक्षण की चेकलिस्ट निर्धारित प्रोफार्मा में बनाकर प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि जिन आंगनबाड़ी केन्द्रों में निर्मित किए गए बेबी फ्रेंडली शौचालय, यूरिनल का उपयोग हो रहा है या नहीं सीडीपीओ से इस आशय का प्रमाण पत्र ले लें। बीएचएनडी सत्र में महिलाओं, बच्चों, किशोरियों की स्वास्थ्य संबंधी सभी जांचे व अनुमन्य स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराए, साथ ही आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों से एमसीपी कार्ड वजन, लंबाई अवश्य अंकित कराए। उन्होने कहा कि शासन की मंशानुरूप बच्चो, गर्भवती, धात्री महिलाओं, किशोरियों को समय से पोषाहार वितरण किया जाय। साथ ही पोषण ट्रैकर में शत प्रतिशत फीडिंग का कार्य समय से कराया जाय। महिलाओ, किशोरियों को अपने व उनके बच्चो के स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने के लिए जागरूक करे। सैम/मैम बच्चो को चिन्हित कर शासन द्वारा मिलने वाली सुविधाओं को मुहैया कराते हुए उनके पोषण स्तर में सुधार लाए। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी पवन कुमार मीना, एसीएमओ, डीसी मनरेगा, डीसी एनआरएलएम, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, अधिशाषी अभियंता आरईएस, जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला पूर्ति अधिकारी, खंड विकास अधिकारी सहित समस्त सीडीपीओ उपस्थित रहे।
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