उत्तर प्रदेश फतेहपुर जिले में शोक की लहर उस समय दौड़ गई जब शहर काजी फरीद उद्दीन कादरी का 18 फरवरी की रात अचानक दिल का दौरा पड़ने से इंतकाल हो गया। उनके निधन की खबर फैलते ही शहर समेत आसपास के इलाकों में मातम का माहौल छा गया। उन्हें उनके पैतृक गांव हसवा कस्बे के कर्बला स्थित कब्रिस्तान पूरे धार्मिक रीति-रिवाज के साथ सुपुर्द-ए-खाक किया गया। जहाँ नमाज-ए-जनाजा में हजारों लोग की तादात व अकीदतमंद, उलेमा-ए-कराम, सामाजिक व राजनीतिक हस्तियां शामिल हुईं।


नम आंखों और दुआओं के बीच लोगों ने मरहूम की मगफिरत के लिए हाथ उठाए। जनाजे में उमड़ा जनसैलाब इस बात का गवाह बना कि शहर काजी फरीद उद्दीन की समाज में कितनी गहरी पकड़ और सम्मान था। बताया जाता है कि फरीद उद्दीन कादरी साहब लंबे समय से सामाजिक और धार्मिक मामलों में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे। उनके इंतकाल से जनपद को अपूरणीय क्षति हुई है। हसवा की मिट्टी ने आज अपने उस बेटे को सुपुर्द-ए-खाक किया, जिसने जीवनभर कौम और समाज की रहनुमाई की।
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