उत्तर प्रदेश फतेहपुर जिले में होली का पर्व इस वर्ष पूरे उत्साह और पारंपरिक उल्लास के साथ मनाया गया। 2 मार्च को होलिका दहन के बाद 4 और 5 मार्च को जिले भर में रंगों की होली खेली गई। सुबह से ही बच्चे, युवा और बुजुर्ग रंग-गुलाल के साथ सड़कों और मोहल्लों में नजर आए। जगह-जगह फिल्मी और पारंपरिक होली गीतों पर लोग थिरकते दिखे और एक-दूसरे को रंग लगाकर बधाइयां दीं। ग्रामीण क्षेत्रों में होली की अलग ही रौनक देखने को मिली। युवाओं ने ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ टोलियां बनाईं और गांव-गांव घूमकर एक-दूसरे को रंग लगाते हुए होली के गीत गाए। कई स्थानों पर फाग और चौताल की पारंपरिक प्रस्तुतियां भी हुईं, जिससे ग्रामीण इलाकों में होली का माहौल और भी जीवंत हो गया। शहर के पटेल नगर, वर्मा चौराहा, पत्थर कटा चौराहा, मुराइन टोला, चौक चौराहा और आबू नगर समेत कई स्थानों पर युवाओं द्वारा मटकी फोड़ कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इन आयोजनों में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और उत्साह के साथ कार्यक्रमों का आनंद लिया। होली मना रहे रंगनी द्विवेदी, अतुल, मनीषा और उर्मिला ने बताया कि इस बार 2 मार्च को होलिका दहन हुआ था, लेकिन ग्रहण के कारण 4 और 5 मार्च को रंग खेला जा रहा है। इससे लोगों को दो दिन तक होली की मस्ती करने का अवसर मिला। उन्होंने बताया कि अधिकतर लोग हर्बल रंगों और गुलाल का प्रयोग कर रहे हैं, ताकि किसी को त्वचा संबंधी परेशानी न हो। पारंपरिक रूप से कई घरों में होली के अवसर पर गुझिया, दही बड़े, मालपुआ और अन्य मिठाइयां बनाई गईं और लोगों ने एक-दूसरे के घर जाकर पर्व की शुभकामनाएं दीं। उधर, होली पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए जिले में व्यापक पुलिस व्यवस्था भी की गई थी। संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल तैनात रहा और प्रमुख चौराहों पर लगातार निगरानी रखी गई, जिससे कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली और लोग सुरक्षित माहौल में त्योहार का आनंद लेते रहे।
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