उत्तर प्रदेश फतेहपुर जिले के खखरेरू थाना क्षेत्र में वन माफियाओं के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि प्रतिबंधित हरे-भरे पेड़ों की कटान दिनदहाड़े की जा रही है। लेकिन जिम्मेदार विभाग अब तक मौन बना हुआ है। ताजा मामला चचिन्डा गांव का है, जहां उदय बाबा की कुटिया के पास खड़े कई दशक पुराने विशालकाय नीम के पेड़ों को लकड़ी माफियाओं द्वारा काटकर धराशायी किया जा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार कुटिया के पास स्थित ये नीम के पेड़ न केवल पर्यावरण के लिए महत्वपूर्ण थे। बल्कि राहगीरों को छाया भी प्रदान करते थे। बावजूद इसके लकड़ी तस्करों ने नियमों को दरकिनार करते हुए इन पेड़ों पर आरा चला दिया। हैरानी की बात यह है कि यह पूरा खेल दिन के उजाले में खुलेआम हो रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रतिबंधित पेड़ों की कटान बिना स्थानीय जिम्मेदारों की मिलीभगत के संभव नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि वन विभाग को इस मामले की जानकारी होने के बावजूद अधिकारी अनजान बने हुए हैं। विभाग की यह उदासीनता सीधे तौर पर वन माफियाओं के हौसले बढ़ा रही है। वहीं ग्रामीणों ने बताया कि एक ओर सरकार पर्यावरण संरक्षण और वृक्षारोपण के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, वहीं दूसरी ओर पुराने और फलदार पेड़ों को काटकर हरियाली उजाड़ी जा रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्यवाई की मांग की है।
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