उत्तर प्रदेश फतेहपुर जिले में अपनी स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर बृहस्पतिवार को इंटर्न छात्रों और एमबीबीएस विद्यार्थियों ने फतेहपुर में शांतिपूर्ण मार्च निकाला। मार्च में डॉ. सत्यम बरनवाल, डॉ. रॉबिन, डॉ. आकाश, सोहराब, दिशा, अंकित सिंह, पारस, अरनब सैनी, मदन, सुचेत, योगेश, कुलदीप, दीपक सहित बड़ी संख्या में छात्र शामिल हुए। छात्रों का कहना है कि अस्पतालों में मरीजों की सेवा के दौरान उन पर काम का बोझ सबसे ज्यादा होता है, लेकिन इसके बदले मिलने वाला आर्थिक सहयोग नाकाफी है। प्रदर्शनकारी छात्रों की मुख्य मांग है कि उत्तर प्रदेश में इंटर्न डॉक्टरों का स्टाइपेंड अन्य राज्यों के बराबर किया जाए। छात्रों ने आंकड़े देते हुए बताया कर्नाटक लगभग 38,000 प्रतिमाह पश्चिम बंगाल लगभग 44,000 प्रतिमाह ओडिशा लगभग 44,000 प्रतिमाह उत्तर प्रदेश वर्तमान में लगभग 12,000 प्रतिमाह छात्रों का कहना था कि स्वास्थ्य क्षेत्र पर राज्य का बजट देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है, इसके बावजूद इंटर्नशिप स्टाइपेंड सबसे कम है। यह राशि उनकी जिम्मेदारियों और 24 घंटे की ड्यूटी के हिसाब से अत्यंत कम और अनुचित है। इसी को देखते हुए छात्रों ने सरकार से मांग की कि यूपी में इंटर्न डॉक्टरों का स्टाइपेंड बढ़ाकर कम से कम।30,000 प्रतिमाह किया जाए। उनका कहना है कि इससे उन्हें सम्मानजनक आर्थिक सहयोग मिलेगा और वे बिना आर्थिक कठिनाइयों के मरीजों की सेवा कर सकेंगे। मार्च के दौरान छात्रों ने हाथों में तख्तियां लेकर नारेबाजी की और प्रशासन से मांग पत्र सौंपने की बात कही। छात्रों ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य केवल अपनी जायज मांग को सरकार तक पहुंचाना है और वे मरीजों की सेवा में किसी तरह की बाधा नहीं बनना चाहते।
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