उत्तर प्रदेश कौशाम्बी जिले के विकास खण्ड कड़ा के उचरावा मोलवीपुर गांव में स्थित के एस एम इण्टर कॉलेज एवं के एल एल कान्वेंट स्कूल में महान स्वतंत्रता सेनानियों चंद्रशेखर आजाद और बाल गंगाधर तिलक की जयंती धूमधाम से मनाई गई। इस दौरान विद्यालय स्टॉफ व छात्रों ने शहीद चंद्रशेखर आजाद व बाल गंगाधर तिलक के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उनके द्वारा देश के लिए दिए गए बलिदान को याद किया। इस अवसर पर विद्यालय के डायरेक्टर प्रेम गुप्ता ने छात्रों को बताया कि भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महानायक एवं लोकप्रिय स्वतंत्रता सेनानी चंद्रशेखर आजाद का जन्म 23 जुलाई, 1906 को मध्यप्रदेश के झाबुआ जिले के भाबरा नामक स्थान पर हुआ। आजाद का जन्मस्थान भाबरा अब ‘आजादनगर’ के रूप में जाना जाता है। उनके पिता का नाम पंडित सीताराम तिवारी एवं माता का नाम जगदानी देवी था। उनके पिता ईमानदार, स्वाभिमानी, साहसी और वचन के पक्के थे। यही गुण चंद्रशेखर को अपने पिता से विरासत में मिले थे। चंद्रशेखर आजाद 14 वर्ष की आयु में बनारस गए और वहां एक संस्कृत पाठशाला में पढ़ाई की। वहां उन्होंने कानून भंग आंदोलन में योगदान दिया था। 1920-21 के वर्षों में वे गांधीजी के असहयोग आंदोलन से जुड़े। वे गिरफ्तार हुए और जज के समक्ष प्रस्तुत किए गए। जहां उन्होंने अपना नाम ‘आजाद’, पिता का नाम ‘स्वतंत्रता’ और ‘जेल’ को उनका निवास बताया। विद्यालय के प्रधानाचार्य सतेन्द्र सोनकर ने बच्चों को बताया कि उनके सम्मान में हर साल इस यह पर्व क्रांति दिवस के रूप में भी मनाया जाता है मनाया जाता है। इसी तरह के एल एल कान्वेंट स्कूल की प्रधानाचार्या कल्पना शर्मा ने भी उनके जीवन पर प्रकाश डालते हुए देश के लिए दिए गए बलिदान को बताया।
इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षक जितेंद्र , सी एल , खुशी , सोनाली , पूनम , ज्योति , आंशिक ने बच्चों को उचित जानकारियां दी।
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