उत्तर प्रदेश फतेहपुर जिले की सदर कोतवाली क्षेत्र के शिवपुरम स्थित सरस्वती बाल मंदिर इंटर कॉलेज में कक्षा 12 के छात्र की मौत के बाद विद्यालय प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। परिजनों के अनुसार परीक्षा के दौरान छात्र के पास कथित रूप से पर्ची मिलने पर प्रधानाचार्य नाराज हो गए। आरोप है कि छात्र पर 1500 रुपये का जुर्माना लगाया गया और उसे रिस्टीकेट कर दिया गया। इसी दौरान छात्र की कथित पिटाई किए जाने की बात भी सामने आ रही है। परिजनों के मुताबिक, घटना के बाद छात्र साइकिल से कहीं जा रहा था। इसी दौरान मलवां थाना क्षेत्र के सौंरा के पास वह अचेत अवस्था में मिला। पुलिस ने छात्र के विद्यालय आई-कार्ड के जरिए परिजनों का नंबर हासिल कर उन्हें सूचना दी। इसके बाद परिजन छात्र को मेडिकल कॉलेज ले गए, जहां से हालत गंभीर होने पर उसे रेफर कर दिया गया। कानपुर ले जाते समय रास्ते में छात्र ने दम तोड़ दिया। मृतक छात्र की पहचान तेजस उर्फ यशु पुत्र दिलीप द्विवेदी, निवासी मुरांव के रूप में बताई गई है। वह विद्यालय में कक्षा 12-बी का छात्र था। सरकारी अवकाश में परीक्षा पर भी सवाल खड़े : – मामले में एक और गंभीर सवाल यह है कि सरकारी अवकाश के बावजूद विद्यालय में परीक्षाएं आयोजित किए जाने की बात कही जा रही है। यदि यह आरोप सही है तो सवाल उठता है कि निजी विद्यालयों के लिए सरकारी अवकाश और विभागीय निर्देशों के क्या मायने हैं? क्या विद्यालय संचालकों के लिए नियम-कायदे अलग हैं? छात्र की मौत ने खड़े किए कई सवाल, छात्र परीक्षा के बाद किन परिस्थितियों में विद्यालय से निकला? उसके साथ विद्यालय में वास्तव में क्या हुआ? क्या उसकी पिटाई की गई थी? 1500 का जुर्माना और रिस्टीकेशन किस आधार पर किया गया? सौंरा के पास छात्र अचेत अवस्था में कैसे पहुंचा और उसकी मौत की वास्तविक वजह क्या रही इन तमाम सवालों का जवाब जांच के बाद ही सामने आएगा। एक छात्र की मौत से जुड़े इस गंभीर मामले में विद्यालय प्रबंधन की भूमिका की निष्पक्ष जांच की मांग उठने लगी है। अब निगाहें पुलिस और शिक्षा विभाग की जांच पर टिकी हैं कि पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने आती है या मामला आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित रह जाता है।
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