उत्तर प्रदेश फतेहपुर जिले में सरस्वती बाल विद्या मंदिर, शिवपुरम कालोनी में 12वीं के छात्र तेजस उर्फ यशु द्विवेदी की संदिग्ध मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। 26 तारीख को हुई घटना के बाद आज कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल मृतक छात्र के घर पहुंचा और परिजनों से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली। मृतक के बाबा सुरेन्द्र द्विवेदी ने प्रति निधिमंडल को आपबीती सुनाते हुए कहा कि उनके पोते को स्कूल के प्रधानाचार्य सक्षम त्रिवेदी ने छोटी सी गलती पर अंधेरे में ले जाकर बेरहमी से पीटा। पिटाई से गंभीर रूप से घायल यशु ने कानपुर के रीजेंसी अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

यशु छह बहनों में इकलौता भाई था। सुरेन्द्र द्विवेदी ने आरोप लगाया कि उन्हें पुलिस के जरिए सूचना दी गई कि उनका बच्चा सौंरा में अचेत अवस्था में पड़ा है। उन्होंने सवाल उठाया कि बच्चा स्कूल से सौंरा कैसे पहुंचा, यह भी एक बड़ा रहस्य है। उनका आरोप है कि स्कूल प्रबंधन ने ही बच्चे को अचेत अवस्था में वहां फेंक दिया।मौके पर मौजूद जिलाध्यक्ष महेश द्विवेदी ने कहा कि इस विद्यालय प्रबंधन के खिलाफ छात्र उत्पीड़न की पहले भी कई शिकायतें मिल चुकी हैं। उन्होंने कहा कि इसी प्रबंधन द्वारा खागा में संचालित विद्यालय में पहले एक बच्ची की जान जा चुकी है, यह तीसरी घटना है।

कांग्रेस इस मामले को लेकर सड़क पर उतर कर संघर्ष करेगी और पीड़ित परिवार को न्याय मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा। शहर अध्यक्ष आरिफ गुड्डा ने कहा कि पूरी कांग्रेस पार्टी पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है। उन्होंने मांग की कि -विद्यालय की मान्यता तत्काल रद्द की जाए।प्रधानाचार्य सक्षम त्रिवेदी के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाए। मृतक परिवार को 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाए।उन्होंने चेतावनी दी कि अगर मांगे नहीं मानी गईं तो कांग्रेस सड़क पर उतर कर बड़ा आंदोलन करेगी। प्रति निधिमंडल में पार्टी प्रवक्ता ई. देवी प्रकाश दुबे, विधि प्रकोष्ठ अध्यक्ष आदित्य श्रीवास्तव, अरुण जायसवाल, शहर उपाध्यक्ष अजय बच्चा, कौशल कुमार शुक्ला, बसीर अहमद सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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