उत्तर प्रदेश फतेहपुर जिले के हसवा विकास खंड क्षेत्र के अन्तर्गत हसवा कस्बें में श्री स्वामी चंद दास रामलीला कमेटी द्वारा 10 दिवसीय ऐतिहासिक रामलीला के छठवें दिन सीता हरण की लीला का सुप्रसिद्ध कलाकारों द्वारा मंचन किया जा रहा है। जिसमें आसपास के सैकड़ों गांव के लोग रामलीला देखने के लिए आते हैं। राम चरितमानस की बंदना बाद लीला की शुरुआत की गई। जिसमें भगवान राम और लक्ष्मण पंचवटी कुटी में बैठे थे‌। तभी रावण की बहन सूर्पणखा सुंदर स्त्री का भेष बनाकर राम के पास पहुंचीं। और विवाह के लिए विनती करने लगी। राम द्वारा विवाहित होने की बात सुनकर सूर्पणखा लक्ष्मण के पास पहुंचीं। लक्ष्मण ने स्वयं को भगवान राम का सेवक बताया और विवाह के लिए स्पष्ट मना कर दिया। फिर से सूर्पणखा भगवान राम के पास पहुंचीं। और विवाह के लिए कहने लगी।अंत में क्रोधित होकर सूर्पणखा अपने असली राक्षसी रूप में आ गई । और सीता का वध करने के लिए आगे बढ़ी। इसी बीच लक्ष्मण ने शूर्पणखा के नाक और कान काट दिए।रोते हुए सूर्पणखा भाई रावण के पास पहुंची। रावण ने स्त्री के अपमान का बदला लेने के लिए सीता के हरण की योजना बनाई और अपने मामा मारीच को सोने का मृग का रूप धारण करके कुटिया के पास भेज दिया सीता ने सुंदर मृग देखकर उसे प्राप्त करने की इच्छा व्यक्त की राम हिरण के पीछे गए और इधर मौका देखकर रावण ने साधु का वेश बनाकर सीता का हरण कर लिया। राम और लक्ष्मण में वापस आकर देखा तो सीता कुटिया में नहीं थी। दोनों भाई वन में भटकते हुए सीता की खोज करने लगे । और आगे बढ़ते गए लेकिन कहीं भी सीता का पता नहीं चला। विलाप करते हुए भगवान राम और लक्ष्मण माता सीता की खोज करने लगे। इस मौके पर रामलीला कमेटी के अध्यक्ष पुष्पेंद्र सिंह एवं उपाध्यक्ष उदयभान सिंह,समेत रामलीला मंडल के अध्यक्ष और अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। वहीं लीला के मंचन के दौरान थारियावं थाना प्रभारी शमशेर बहादुर सिंह एवं हसवा चौकी इंचार्ज अमरीश मिश्रा, सिपाही प्रवीन चौधरी, अजीत कुमार सहित अन्य पुलिस फोर्स मौजूद रहे।
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