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उत्तर प्रदेश फतेहपुर जिले में आज विटामिन-ए सम्पूरण अभियान का शुभारम्भ डा० राजीव नयन गिरि, मुख्य चिकित्साधिकारी, फतेहपुर द्वारा फीता काट कर अरबन प्रा०स्वा० केन्द्र विनोवानगर से किया गया। उद्घाटन में डा० सुरेश कुमार, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी, आर० सी० एच०, नोडल अधिकारी एन० सी० डी०, प्रभारी चिकित्साधिकारी विनोवा नगर, अपर सहायक शोध अधिकारी, प्रतिरक्षण अनुभाग के समस्त अधिकारी / कर्मचारी, प्रतिनिधि यूनीसेफ, डब्लू० एच०ओ०, यू० एन० डी० पी० एवं पत्रकारगण आदि उपस्थित रहे। उद्घाटन में मुख्य चिकित्साधिकारी, द्वारा बताया गया कि 09 माह माह से 05 वर्ष तक के बच्चों को विटामिन-ए की खुरॉक दिये जाने से उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता में बढ़ोत्तरी होती है और वे स्वस्थ्य व पोषित रहते हैं। प्रदेश में निम्नवत् विटामिन ए की 09 खुरॉके दिये जाने का प्रावधान है। ◆ लक्षित समूह-09 से 12 माह,विटामिन-ए मात्रा-1 लाख (अर्न्तराष्ट्रीय) यूनिट,कब दें-नियमित टीकाकरण सत्र के दौरान एम०आर० के प्रथम टीके के साथ,विटामिन-ए घोल (विटामिन ए की चम्मच)-आधा चम्मच (1ML)।
◆लक्षित समूह-16 से 24 माह,विटामिन-ए मात्रा-2 लाख (अर्न्तराष्ट्रीय) यूनिट,कब दें-नियमित टीकाकरण सत्र के दौरान एम० आर० के दूसरे टीके के साथ, विटामिन-ए घोल (विटामिन ए की चम्मच)-आधा चम्मच (2ML)।
◆लक्षित समूह-2 से 5 माह, विटामिन-ए मात्रा-2 लाख (अर्न्तराष्ट्रीय) यूनिट, कब दें-छः-छः माह के अन्तराल पर विटामिन ए सम्पूरण कार्यक्रम के दौरान, विटामिन-ए घोल (विटामिन ए की चम्मच)-पूरा चम्मच (2ML)।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डा० सुरेश कुमार द्वारा अवगत कराया गया कि प्रत्येक सत्र पर कम से कम 3 विटामिन-ए की बोतलों की उपलब्धता होनी चाहिए।

प्रत्येक बोतल को खोलने के समय उस पर खोलने की तिथि अवश्य अंकित की जाय। एक बोतल समाप्त होने के बाद ही दूसरी बोतल खोली जायेगी। बोतल खोलने के पूर्व बोतल पर अंकित एक्सपायरी तिथि का संज्ञान अवश्य लिया जाय। विटामिन-ए की बोतल के साथ उपलब्ध चम्मच से ही ए० एन० एम० द्वारा निर्धारित मात्रा का माप करते हुये डिस्पोजबल चम्मच द्वारा खुरॉक पिलाई जायेगी। बच्चे को विटामिन-ए की खुरॉक पिलाने के पश्चात ए० एन० एम० द्वारा एम० सी० पी० कार्ड में एवं ई-कवच पोर्टल पर प्रविष्टि सुनिश्चित की जायेगी। आशा एवं ऑगनबाड़ी कार्यकत्री द्वारा ड्यू लिस्ट के अनुसार अपेक्षित आयु वर्ग के बच्चों को बुलाया जाय साथ ही प्रयास किया जाये कि किसी भी एक समय में भीड़ इकट्ठा न हो। लाभार्थियों को मोबिलाइज करने में आशा एवं आँगनबाड़ी कार्यकत्रियों इस बात पर अवश्य जोर दें कि प्रत्येक लाभार्थी के साथ एक से अधिक देखभालकर्ता न हों। डा० सुरेश द्वारा बताया गया कि अभियान के दौरान 09 माह से 12 माह तक के बच्चों का लक्ष्य 34802, 01 वर्ष से 02 वर्ष तक के बच्चों का लक्ष्य 65909 एवं 2 वर्ष से 05 वर्ष तक के बच्चों का लक्ष्य 204889 प्राप्त हुआ है।
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